Friday, 20 March 2026

जयपुर में 5800 करोड़ की लागत से राजस्थान मंडपम का होगा निर्माण 7 हजार सीटों का बनेगा ऑडिटोरियम


जयपुर में 5800 करोड़ की लागत से राजस्थान मंडपम का होगा निर्माण 7 हजार सीटों का बनेगा ऑडिटोरियम

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जयपुर। देश का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर ‘राजस्थान मंडपम’ जयपुर में बनने जा रहा है, जो राज्य के विकास और वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई देगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना बीटू बाईपास स्थित द्रव्यवती नदी के पास 91 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी। इसकी डिजाइन प्रसिद्ध आर्किटेक्ट डॉ. अनूप बरतरिया द्वारा तैयार की गई है और इसके टेंडर अप्रैल माह में जारी किए जाएंगे।

करीब 5800 करोड़ रुपए की इस परियोजना में 7 लाख वर्ग फीट क्षेत्रफल में देश का सबसे बड़ा एक्सपो सेंटर बनाया जाएगा, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के लिए प्रमुख केंद्र बनेगा। इसके अलावा 7 हजार सीटों वाला ‘पद्ममंडप’ इस परियोजना का मुख्य आकर्षण होगा। कन्वेंशन सेंटर में कुल चार ऑडिटोरियम होंगे, जिन्हें वैदिक नाम दिए जाएंगे।

परियोजना में दो भव्य प्रवेश द्वार—पूर्व और पश्चिम—निर्मित किए जाएंगे, जिनके बाहर आकर्षक वाटर व्यू विकसित किया जाएगा। इसके अलावा पिछले हिस्से में द्रव्यवती नदी पर लगभग 300 मीटर लंबी कृत्रिम झील का निर्माण किया जाएगा, जो इस परिसर की खूबसूरती को और बढ़ाएगा।

राजस्थान मंडपम को एक संपूर्ण ‘ग्लोबल अर्बन डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें विश्वस्तरीय रेजिडेंशियल एरिया, कॉर्पोरेट पार्क, फूड पार्क, ऑर्गेनिक पार्क और डक पार्क जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। परियोजना में पर्यावरण संरक्षण और जलसंरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

इस योजना की घोषणा राजस्थान दिवस के अवसर पर आयोजित निवेशक सम्मेलन में की गई, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह स्व-वित्त पोषित परियोजना रीको और भारत सरकार की नवरत्न कंपनी एनबीसीसी द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की जाएगी।

परियोजना के प्रधान वास्तुकार डॉ. अनूप बरतरिया के अनुसार, यह केवल एक निर्माण परियोजना नहीं बल्कि भारत की वैश्विक पहचान का अगला अध्याय है, जहां भविष्य में दुनिया के सबसे बड़े सम्मेलन, एक्सपो और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित होंगे। सरकार का लक्ष्य इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अगले दो वर्षों में पूर्ण करना है, जिससे जयपुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख आयोजन स्थल के रूप में स्थापित किया जा सके।

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