



अजमेर। जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने जल जीवन मिशन में हुई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पिछली सरकार के दौरान भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का असर अब भी विभाग में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि कई अधिकारी जेल जा चुके हैं, जिसके कारण वर्तमान में अधिकारी फाइलों में छोटी-छोटी बातों को लेकर भी सतर्क हैं और यहां तक कि “कोमा” लगाने में भी सावधानी बरत रहे हैं।
जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी बुधवार को अजमेर स्थित राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सभागार में आयोजित बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि उन्हें नियमों के अनुसार कार्य करना चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा भावना के साथ कार्य करें, क्योंकि गलतियों के परिणाम गंभीर हो सकते हैं और रिटायरमेंट के बाद भी कार्रवाई संभव है।
अवैध जल कनेक्शनों के मुद्दे पर जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने इसे “कैंसर जैसी बीमारी” बताते हुए कहा कि इसे जड़ से समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए तथा इसमें संलिप्त कर्मचारियों के खिलाफ भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।
अजमेर शहर में पेयजल व्यवस्था को लेकर जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने बताया कि मार्च 2028 तक 24 घंटे जल आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए करीब 400 करोड़ रुपए की योजना पर कार्य किया जा रहा है और इसके वर्कऑर्डर अप्रैल तक जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ मामलों में अधिकारियों की ढिलाई सामने आई है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि जलदाय विभाग को निजी हाथों में नहीं दिया जाएगा, क्योंकि यह एक सेवा क्षेत्र है। उन्होंने पानी के बिलों को लेकर शिकायतों पर कहा कि एक साथ पेनल्टी के साथ बिल भेजने की समस्या पर भी सुधार किया जाएगा और इसमें मिलीभगत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
उन्होंने बताया कि पहले अजमेर में 72 घंटे के अंतराल से पानी की आपूर्ति होती थी, जिसे वर्तमान सरकार ने घटाकर 48 घंटे कर दिया है और आगे इसे और बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। इसके साथ ही बड़ी पाइपलाइन परियोजनाओं पर भी कार्य शुरू किया गया है, जिससे जल स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
पेयजल संकट के समाधान के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा राज्यभर के जिलों को आपातकालीन फंड के रूप में एक-एक करोड़ रुपए जारी किए गए हैं, साथ ही जल जीवन मिशन के रखरखाव के लिए अतिरिक्त राशि भी उपलब्ध कराई गई है।
जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने पूर्व सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जल जीवन मिशन के तहत निर्धारित समय में केवल 40 प्रतिशत कार्य ही पूरा किया गया और मॉनिटरिंग की कमी के कारण भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि अब सरकार इस योजना को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ा रही है, ताकि हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंच सके।