



जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेशचंद्र अग्रवाल ने जनसंख्या संतुलन को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि एक परिवार में तीन से अधिक संतान होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने भी हाल ही में इस विषय को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ स्पष्ट किया है। अग्रवाल के अनुसार, वर्तमान में हिंदू समाज की जनसंख्या में गिरावट देखी जा रही है, जो भविष्य में असंतुलन और विभिन्न सामाजिक समस्याओं को जन्म दे सकती है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम तीन संतान का सिद्धांत होना चाहिए, जबकि चार-पांच संतान भी स्वीकार्य हो सकती हैं।
डॉ. अग्रवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि संघ जातिगत जनगणना के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि बेहतर शासन और योजनाओं के निर्माण के लिए जातिगत जनगणना की जाती है तो संघ को इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यदि इसका उपयोग समाज को बांटने के लिए किया जाता है तो संघ इसका विरोध करेगा।
इसके साथ ही उन्होंने संगठनात्मक बदलावों की जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान में संघ के ढांचे में परिवर्तन किया जा रहा है। वर्तमान में मौजूद जयपुर, जोधपुर और चित्तौड़गढ़ प्रांतों की जगह अब संभाग व्यवस्था लागू की जाएगी और इसमें कोटा व बीकानेर जैसे नए संभाग जोड़े जाएंगे।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान में संघ का तेजी से विस्तार हो रहा है। वर्तमान में प्रदेश में करीब 7,910 स्थानों पर संगठनात्मक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जबकि कुल 12,109 शाखाएं और 5,950 मिलन आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है और संगठन को और मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।