


डूंगरपुर। राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनजातीय समाज के योगदान को अतुलनीय बताते हुए उनके सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। बेणेश्वर धाम में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज अपनी समृद्ध परंपराओं, संस्कृति और प्रकृति से गहरे जुड़ाव के लिए जाना जाता है और प्रदेश के विकास में उनकी भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आदिवासी बाहुल्य जिलों—बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर और सिरोही—में 1902 करोड़ रुपये के 326 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बेणेश्वर धाम का सौंदर्यीकरण और सर्वांगीण विकास किया जाएगा, जिसके लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। उन्होंने जनजातीय हस्तशिल्प को समाज के स्वाभिमान की अभिव्यक्ति बताते हुए पिथोरा चित्रकला, बांस शिल्प, मिट्टी के बर्तन और लकड़ी की नक्काशी जैसी पारंपरिक कलाओं को प्रोत्साहन देने की बात कही। साथ ही आदिवासी युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और स्थानीय कला को बाजार दिलाने के लिए सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।
जनजातीय उत्थान के लिए सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि छात्रावासों में मैस भत्ता बढ़ाकर 3,250 रुपये प्रति माह किया गया है, 10वीं-12वीं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है तथा सीए-सीएस जैसी परीक्षाओं में सफल छात्रों के लिए भी सहायता बढ़ाई गई है। इसके अलावा 244 नए मां-बाड़ी केंद्र स्थापित किए गए हैं और वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से लाखों महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय परिवारों को व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार पट्टे दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। साथ ही त्रिपुरा सुंदरी, मानगढ़ धाम, बेणेश्वर धाम, सीतामाता अभ्यारण्य, ऋषभदेव और गौतमेश्वर मंदिर सहित प्रमुख स्थलों को जोड़ते हुए 100 करोड़ रुपये का ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित किया जाएगा।
जनजातीय क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गरीब को केंद्र में रखकर उनके उत्थान के लिए कार्य कर रहे हैं। विकास और जनकल्याण के कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आदिवासियों के तीर्थ बेणेश्वर धाम का सर्वांगीण विकास होगा।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर एवं सिरोही जिले के 1 हजार 902 करोड़ रुपये के 326 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। श्री शर्मा ने लखपति दीदी सम्मान योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली लखपति दीदियों को सांकेतिक चैक और टेबलेट सौंपे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परिसर में आयोजित विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया एवं बालिकाओं को स्कूटी भी वितरित की।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने डूंगरपुर में वाल्मीक मन्दिर एवं हरि मन्दिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। इस दौरान राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा, सहकारिता राज्य मंत्री श्री गौतम दक, अध्यक्ष राजस्थान धरोहर प्राधिकरण ओंकार सिंह लखावत, सांसद चुन्नीलाल गरासिया, सीपी जोशी, विधायक फूल सिंह मीणा, श्रीचंद कृपलानी, शंकर लाल ढेचा, प्रताप लाल गमेती, कैलाश मीणा, श्रीमती शान्ता मीणा, गोपी चन्द मीणा, समाराम गरासिया सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।