



जयपुर। एलपीजी गैस सिलेंडरों की किल्लत का असर अब जयपुर के होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर साफ दिखाई देने लगा है। गैस की कमी के कारण कई होटल-रेस्टोरेंट संचालकों ने अपने मेन्यू के दाम बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। शहर के कई रेस्टोरेंट अब केवल सीमित आइटम के ही ऑर्डर ले रहे हैं। कई होटल संचालकों का कहना है कि गैस खत्म होने के कारण किचन बंद करने की स्थिति बन गई है और कुछ जगहों पर केवल कर्मचारियों के भोजन के लिए ही गैस बची हुई है।
बाजार में कॉमर्शियल सिलेंडर ब्लैक में 4 से 6 हजार रुपये तक और घरेलू सिलेंडर करीब 2000 रुपये तक बेचे जा रहे हैं। गैस की कमी के कारण इंडक्शन चूल्हों की मांग भी बढ़ गई है और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई जगह यह आउट ऑफ स्टॉक हो चुके हैं।
गैस संकट का असर शादी समारोहों और पर्यटन उद्योग पर भी पड़ता दिख रहा है। कई इवेंट कंपनियों ने पहले से बुकिंग कर रखी थी, लेकिन गैस की कमी के कारण उन्हें भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई घरों में भी गैस की कमी का असर देखने को मिल रहा है, जहां महिलाएं दोनों समय का खाना एक साथ बनाकर काम चला रही हैं। होटल व्यवसायियों का कहना है कि अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो पर्यटक भी शहर में रुकने से कतराने लगेंगे। गांधी पथ स्थित महावीर रबड़ी भंडार के संचालक बृजेश राठौड़ के अनुसार गैस की कमी के कारण किचन चलाना मुश्किल हो गया है और अब वैकल्पिक रूप से डीजल भट्ठी का उपयोग करने पर विचार किया जा रहा है।
होटल फेडरेशन के अध्यक्ष हुस्सैन खान ने बताया कि मानसरोवर, सिंधी कैंप और आसपास के क्षेत्रों में कई छोटे होटल और ढाबे बंद होने की कगार पर हैं। उन्होंने बताया कि होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने जिला प्रशासन से मुलाकात कर मांग की है कि उन्हें भी राशनिंग सिस्टम के तहत गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं ताकि उनका व्यवसाय प्रभावित न हो। उनके अनुसार बड़े होटलों में औसतन 50 से 60 कर्मचारी काम करते हैं, जबकि छोटे होटल और ढाबों में भी करीब 20 लोगों को रोजगार मिलता है। यदि गैस आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो हजारों लोगों की नौकरियों पर संकट आ सकता है।
गोल्डन ईगल रिसोर्ट के मालिक महेश वाधवानी ने बताया कि उनके रिसोर्ट में आने वाले दिनों में 15 से 20 शादियों की बुकिंग है, लेकिन गैस की कमी के कारण आगे की व्यवस्थाओं को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो शादियां रद्द करने या मेहमानों की संख्या सीमित करने जैसी स्थिति भी बन सकती है।