Thursday, 12 March 2026

एआईओसी 2026 नई दृष्टि और नए भारत के निर्माण का मंच: भजनलाल शर्मा


एआईओसी 2026 नई दृष्टि और नए भारत के निर्माण का मंच: भजनलाल शर्मा

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जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ऑल इंडिया ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी (AIOS) की 84वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में ज्ञान के आदान-प्रदान, नई तकनीकों और नवाचारों पर चर्चा का महत्वपूर्ण मंच है। गुरुवार को जेईसीसी, सीतापुरा में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एआईओसी 2026 नई दृष्टि, नई सोच और नए भारत के निर्माण का संकल्प मंच है, जिसके माध्यम से नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में नए अध्याय लिखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में सामने आने वाले निष्कर्ष, शोध और तकनीकी नवाचार आने वाले समय में नई दवाइयों, आधुनिक उपकरणों और शल्य चिकित्सा पद्धतियों के विकास में सहायक होंगे। राज्य सरकार इन तकनीकों को प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में अपनाने के लिए हर संभव सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दृष्टि हमारे जीवन की गुणवत्ता, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी से सीधे जुड़ी हुई है और भारत में बड़ी संख्या में लोग दृष्टिहीनता या दृष्टि दोष से प्रभावित हैं, जिनमें ग्रामीण और गरीब वर्ग की संख्या अधिक है। ऐसे में तकनीकी नवाचार, जनजागरूकता और प्रभावी नीतियों के माध्यम से अंधता को कम किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत गरीब और मध्यम वर्ग के नागरिकों को नेत्र रोगों का उपचार निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही स्कूल आई-स्क्रीनिंग कार्यक्रम के जरिए बच्चों में दृष्टि दोष की पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘जीवन ज्योति प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत मोबाइल आई-केयर यूनिट के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र जांच और उपचार की सुविधा पहुंचाई जा रही है। इसके साथ ही नेत्रदान को बढ़ावा देने के लिए ‘एक दान, दो जीवनों में रोशनी’ अभियान को जन आंदोलन का रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मधुमेह जनित अंधेपन की रोकथाम के लिए विशेष स्क्रीनिंग कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और एआई आधारित रेटिनल स्क्रीनिंग, टेलीमेडिसिन तथा डिजिटल आई-केयर जैसी तकनीकों से दूरदराज क्षेत्रों तक विशेषज्ञ सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए एमबीबीएस, पीजी और सुपर स्पेशियलिटी सीटों में वृद्धि, नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण तथा प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माण का भी उल्लेख किया।

चार दिवसीय इस सम्मेलन में 12 से 15 मार्च तक देश-विदेश के 8 हजार से अधिक नेत्र रोग विशेषज्ञ, चिकित्सक और शोधकर्ता भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में 23 हॉलों में वैज्ञानिक सत्र, लाइव सर्जरी ट्रेनिंग और विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही आधुनिक नेत्र चिकित्सा उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डॉ. तारा प्रसाद दास और डॉ. एस. नटराजन को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया। सम्मेलन में डॉक्टर पार्थ बिस्वास, प्रोफेसर पीटर मैक्लुस्की और प्रोफेसर तेत्सुओ ओशिका सहित देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित नेत्र रोग विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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