



जयपुर। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने ईरान-अमेरिका तनाव के कारण देश में एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत से उत्पन्न हालात को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधा है। गुरुवार को कांग्रेस वॉर रूम में मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि संकट के समय सरकार ने लोगों को उनके हालात पर छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह नोटबंदी के समय लोगों को कतारों में खड़ा होना पड़ा था, उसी तरह अब गैस सिलेंडर के लिए लोग लाइन में लगने को मजबूर हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात ऐसे ही बने रहे तो पेट्रोल और डीजल की स्थिति भी खराब हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान में रिफाइनरी का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन के लिए समय नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस समय रिफाइनरी से उत्पादन शुरू कर दिया जाए तो संकट की स्थिति में काफी राहत मिल सकती है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की बुकिंग बंद होने से रेस्टोरेंट, हॉस्टल, ढाबे और कई छोटे उद्योग प्रभावित हो रहे हैं, जिसके कारण कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा रहा है और बेरोजगारी बढ़ रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित उद्योगों के बिजली बिल माफ किए जाएं और संकट के कारण बेरोजगार हुए श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि गैस संकट का असर आगे और गंभीर हो सकता है, क्योंकि उर्वरक, खाद और दवा बनाने वाली कंपनियों ने भी उत्पादन कम कर दिया है, जिससे भविष्य में किसानों को खाद और उर्वरक की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि राजधानी जयपुर में करीब आठ से दस हजार ऑटो गैस से चलते हैं और गैस की कमी के कारण उन्हें भी लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, जिससे स्कूली बच्चों और यात्रियों को परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार पर विफलता का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उनकी दोनों जगह सरकार होती तो ऐसे हालात में गैस सिलेंडर के दाम एक रुपया भी नहीं बढ़ने देते।