



जयपुर। ईरान संकट के चलते कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग बंद होने से उत्पन्न हालात को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। जूली ने कहा कि संकट के समय सरकार को जनता की मदद करनी चाहिए थी, लेकिन इसके उलट गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ाकर हालात और खराब कर दिए गए। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सरकार को लोगों में भरोसा पैदा करने की जरूरत थी, लेकिन कीमतें बढ़ाकर पैनिक और ज्यादा बढ़ा दिया गया। जूली ने मांग की कि सरकार इस पूरे मामले पर एक श्वेत पत्र जारी करे, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि प्रदेश में गैस का कितना स्टॉक उपलब्ध है और यदि अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण युद्ध लंबा चलता है तो सरकार की आगे क्या योजना है।
उन्होंने कहा कि गैस संकट के कारण कई उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं, लेकिन राज्य सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। जूली ने आरोप लगाया कि संकट के कारण लकड़ी और कोयले की मांग में करीब 25 प्रतिशत तक वृद्धि हो गई है और लोग इंडक्शन चूल्हे खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी भी बढ़ रही है, जिस पर सरकार को स्पष्ट रुख अपनाकर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संकट के समय सरकार का चुप रहना उचित नहीं है और उसे तत्काल कदम उठाकर जनता को राहत देनी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर देने के बाद सरकार को यह भी बताना चाहिए कि इसके विकल्प क्या हैं और आगे किस तरह व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि संकट के समय सरकार को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, न कि केवल दर्शक बनकर बैठना चाहिए। जूली ने केंद्र सरकार की नीतियों और विदेश नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए देश को मजबूत रणनीति की आवश्यकता है और सरकार को स्पष्ट रूप से अपनी योजना सामने रखनी चाहिए।