



जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश में बढ़ती एलपीजी गैस किल्लत और कीमतों में वृद्धि को लेकर भाजपा की डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में हालिया 60 रुपये की बढ़ोतरी से आम आदमी की कमर टूट गई है, जबकि दूसरी ओर कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से प्रदेश में गैस की कालाबाजारी बढ़ रही है। जूली ने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर स्थिति को संभालने में विफल रही है और हर निर्णय के लिए दिल्ली की ओर देखती रहती है। उन्होंने कहा कि कमर्शियल गैस की कमी के कारण चाय की थड़ी लगाने वाले, ढाबा संचालक, छोटे होटल और रेस्टोरेंट चलाने वाले लाखों छोटे व्यापारियों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कई छोटे कारोबार बंद हो सकते हैं और प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ेगी, जिसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर भाजपा सरकार की होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योगपतियों के हितों पर ध्यान दे रही है, जबकि गरीब और मध्यम वर्ग की परेशानियों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोविड संकट हो या वर्तमान गैस किल्लत, भाजपा सरकार की नीतियों का सबसे अधिक असर गरीबों पर ही पड़ा है।
नेता प्रतिपक्ष जूली ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि अशोक गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार ने महंगाई राहत कैंपों के जरिए 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराकर लाखों परिवारों को राहत दी थी। जूली ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के आने के बाद यह राहत खत्म कर दी गई और आम जनता को महंगाई के बोझ के साथ छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि जो सरकार जनता को ईंधन जैसी बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं करा सकती, उसे सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।