



जयपुर। आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी घोटाले को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय आरोपियों को संरक्षण देने का काम कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष जूली ने सदन में कहा कि इस घोटाले के मुख्य आरोपियों और सह-आरोपियों की पैरवी करने वाले वकीलों को ही सरकार ने अपने पक्ष में नियुक्त कर दिया है, जो बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे वकीलों के माध्यम से क्या सरकार जनता का पैसा वापस दिला पाएगी या आरोपियों को बचाने का रास्ता तैयार किया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि सरकार का यह कदम उसके ‘भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस’ के दावे पर सवाल खड़े करता है और ऐसा प्रतीत होता है कि मुकदमों को कमजोर कर आरोपियों को कानूनी राहत देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने घोटाले की गंभीरता बताते हुए कहा कि यह राजस्थान का सबसे बड़ा आर्थिक घोटाला है, जिसमें करीब 22 लाख निवेशकों के लगभग 14 हजार करोड़ रुपये डूब गए। उनके अनुसार इस मामले में लगभग 200 लोगों के संगठित गिरोह ने करीब 125 शेल कंपनियों के माध्यम से आम लोगों की मेहनत की कमाई हड़प ली।
नेता प्रतिपक्ष जूली ने अन्य जनहित के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों को लेकर सवाल किया कि क्या सरकार आम जनता को राहत देने के लिए कोई सब्सिडी देने की योजना बना रही है। इसके अलावा उन्होंने टोंक में बढ़ते वाहन चोरी के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि दर्ज 1433 मामलों में से 1056 वाहन अब तक बरामद नहीं हो पाए हैं। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वाहन बरामद करने के बजाय बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के चालान काटे जा रहे हैं, जिससे प्रदेश की छवि प्रभावित हो रही है।