



कोलकाता। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर सोमवार को कोलकाता में विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ चुनावी व्यवस्थाओं, कानून-व्यवस्था, ईवीएम प्रबंधन और मतदाता सुविधाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अधिकारियों के साथ गहन चर्चा की।
समीक्षा के दौरान आयोग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों—आम आदमी पार्टी, भाजपा, माकपा, कांग्रेस और नेशनल पीपुल्स पार्टी—के साथ-साथ राज्य स्तरीय दलों ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की और उनके सुझाव प्राप्त किए। अधिकांश दलों ने मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान की सराहना करते हुए चुनाव आयोग पर भरोसा जताया।
राजनीतिक दलों ने आयोग से आग्रह किया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को डराने-धमकाने, हिंसा और बाहुबल के इस्तेमाल को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। उन्होंने चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए बड़ी संख्या में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती की मांग भी की। दलों ने कच्चे बमों, अवैध हथियारों, धनबल और बाहुबल के संभावित दुरुपयोग को लेकर चिंता व्यक्त की और चुनाव एक या दो चरणों में कराने का सुझाव दिया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राजनीतिक दलों को आश्वस्त किया कि भारत में चुनाव पूरी तरह कानून के अनुसार कराए जाते हैं और पश्चिम बंगाल में भी निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मतदाताओं या चुनाव कर्मियों के खिलाफ हिंसा और धमकी को जीरो टॉलरेंस के तहत देखा जाएगा।
आयोग ने यह भी बताया कि मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है और पात्र मतदाताओं को शामिल करने तथा अपात्र नामों को हटाने की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए मतदाता अभी भी फॉर्म 6, 7 और 8 के माध्यम से नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इसके बाद आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों, पुलिस अधिकारियों (IG, DIG, SSP), मंडल आयुक्तों और जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ अलग बैठक कर चुनावी योजना, ईवीएम प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और मतदाता जागरूकता अभियानों की समीक्षा की। आयोग ने सभी एजेंसियों को निष्पक्षता के साथ काम करने और मतदाताओं को प्रलोभन देने जैसी गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिए न्यूनतम सुनिश्चित सुविधाएं (AMF) जैसे रैंप, व्हीलचेयर और पीने के पानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।