



नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च सोमवार से शुरू हो रहा है और इसके काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। इस चरण में कई अहम राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। खास तौर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्ष द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है।
कांग्रेस समेत विपक्ष के 118 सांसदों ने 10 फरवरी को लोकसभा सचिवालय में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ हस्ताक्षरित नोटिस सौंपा था। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरत रहे हैं और विपक्षी दलों को अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है।
संसद के इस सत्र में कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर भी सरकार को घेरने की तैयारी है। विपक्ष अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में भारत सरकार के रुख, रूस से तेल खरीद पर अमेरिका द्वारा दी गई छूट तथा पश्चिम बंगाल में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) के नतीजों जैसे मुद्दों को उठाने की योजना बना रहा है।
इन मुद्दों पर सरकार की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर संसद में बयान देंगे। वे राज्यसभा में सुबह 11 बजे और लोकसभा में दोपहर 12 बजे इन अंतरराष्ट्रीय मामलों पर सरकार का पक्ष रखेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है, जिससे संसद का दूसरा चरण काफी गर्मा सकता है।