



जयपुर। राजस्थान सरकार राज्य वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण के लिए नया कानून लाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। सरकार द्वारा गठित समिति की पहली बैठक 9 मार्च सोमवार को कानून मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में उनके निवास पर आयोजित की गई। इस समिति को प्रस्तावित ‘वृक्ष संरक्षण अधिनियम’ का प्रारूप तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार की ओर से गठित समिति अन्य राज्यों में लागू वृक्ष संरक्षण कानूनों का तुलनात्मक अध्ययन करेगी। इसके साथ ही विभिन्न स्टेक होल्डर्स की राय, वृक्ष संरक्षण से जुड़े न्यायिक निर्णयों और मौजूदा कानूनी प्रावधानों का भी अध्ययन किया जाएगा। समिति को एक महीने के भीतर अधिनियम का प्रारूप तैयार कर सरकार को सौंपना है। इसके बाद सरकार विधि विशेषज्ञों की राय लेकर इस कानून को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
वर्तमान में राजस्थान में केवल कृषि भूमि पर पेड़ों की कटाई के लिए अनुमति लेने का प्रावधान काश्तकारी कानून में है और अवैध कटाई पर पेनल्टी का प्रावधान भी उसी में शामिल है। लेकिन प्रस्तावित नए कानून के तहत सरकार आवंटित, रूपांतरित, अधिग्रहित और आबादी भूमि सहित सभी गैर-कृषि उपयोग वाली भूमियों पर भी वृक्ष संरक्षण के लिए सख्त नियम लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत गैर-कृषि भूमि पर पेड़ हटाने के लिए अधिकृत अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा और केवल न्यूनतम आवश्यक पेड़ों को ही हटाने की अनुमति दी जाएगी।
बीकानेर सहित मरुस्थलीय क्षेत्रों में सौर ऊर्जा संयंत्रों (सोलर प्लांट्स) की स्थापना के लिए बड़ी संख्या में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई के आरोपों के बाद पर्यावरण प्रेमियों और संतों ने आंदोलन शुरू किया था। बीकानेर में विश्नोई धर्मशाला के पास 11 दिनों तक महापड़ाव और अनशन भी चला। इसके बाद 12 फरवरी 2026 को सरकार और संतों के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता के बाद राजस्व विभाग ने पूरे राजस्थान में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया था।
अब सरकार नए कानून के माध्यम से खेजड़ी सहित प्रदेश के अन्य महत्वपूर्ण वृक्षों के संरक्षण के लिए स्पष्ट और कठोर प्रावधान लागू करने की तैयारी कर रही है।
खेजड़ी संरक्षण के लिए सरकार लाएगी नया कानून, ‘वृक्ष संरक्षण अधिनियम’ का मसौदा तैयार करने को कानून मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में छह सदस्यों की समिति गठित
जयपुर। राजस्थान सरकार राज्य वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण के लिए नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। खेजड़ी संरक्षण आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में इसके लिए कानून बनाने का आश्वासन दिया था। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए राज्य सरकार ने ‘वृक्ष संरक्षण अधिनियम’ का प्रारूप तैयार करने के लिए एक समिति का गठन कर दिया है।
मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार कानून मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय समिति बनाई गई है। इस समिति में राजस्व मंत्री हेमंत मीणा और वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
इसके अलावा प्रमुख शासन सचिव (विधि), अतिरिक्त महाधिवक्ता महावीर विश्नोई और राजस्थान हाईकोर्ट के अधिवक्ता कुणाल विश्नोई को भी समिति का सदस्य बनाया गया है। समिति का प्रशासनिक विभाग राजस्व विभाग होगा और विभाग के शासन सचिव को समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।
सरकार का उद्देश्य खेजड़ी सहित प्रदेश के महत्वपूर्ण वृक्षों के संरक्षण के लिए स्पष्ट कानूनी प्रावधान तैयार करना है। प्रस्तावित कानून के तहत वृक्षों की कटाई, संरक्षण और पुनरोपण से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।