



चंडीगढ़। हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को भीतरघात का डर सता रहा है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को मिली फीडबैक के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि वोटिंग तक कांग्रेस अपने विधायकों को किसी अन्य कांग्रेस शासित राज्य में शिफ्ट कर सकती है, ताकि क्रॉस वोटिंग की आशंका को कम किया जा सके।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में बैठे कांग्रेस के रणनीतिकारों ने मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए यह सुझाव दिया है। इसके बाद कई वरिष्ठ विधायकों से उनकी पसंद के राज्य के बारे में भी पूछा गया है। अधिकांश विधायकों ने हिमाचल प्रदेश को अपनी पहली पसंद बताया है। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान ही करेगा।
अगर कांग्रेस अपने विधायकों को राज्य से बाहर भेजती है तो वे हरियाणा विधानसभा के चल रहे बजट सत्र से एक-दो दिन के लिए दूर रह सकते हैं। पार्टी इस कदम के जरिए अपने विधायकों को एकजुट रखने और किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग की संभावना को रोकना चाहती है।
हरियाणा से राज्यसभा की दो सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। इस चुनाव में भाजपा ने संजय भाटिया को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने कर्मवीर बौद्ध को मैदान में उतारा है। वहीं भाजपा नेता सतीश नांदल ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है, जिससे मुकाबला और रोचक हो गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि चुनाव में क्रॉस वोटिंग हुई तो इसका सीधा असर परिणामों पर पड़ सकता है, इसलिए कांग्रेस नेतृत्व इस मामले को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।