



चूरू। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राष्ट्र सेवा में राजस्थान के वीर सैनिकों की अग्रणी भूमिका रही है और प्रदेश का लगभग हर गांव सेना से जुड़ी वीरता की कहानियों का गवाह है। उन्होंने कहा कि सैनिक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते, बल्कि जीवनभर राष्ट्र और समाज के हित में कार्य करते रहते हैं। मुख्यमंत्री रविवार को चूरू के जिला खेल स्टेडियम में आयोजित गौरव सैनानी समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चूरू और शेखावाटी की धरती ने देशभक्ति की परंपरा को हमेशा जीवित रखा है। परमवीर चक्र विजेता पीरू सिंह, मेजर शैतान सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ जैसे वीर सपूतों ने राजस्थान का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि चूरू के जिला खेल स्टेडियम का नाम 1971 के भारत-पाक युद्ध में अद्भुत साहस का प्रदर्शन करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ के नाम पर रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन पराक्रम, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों के माध्यम से दुश्मनों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में देश तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने वीर नारियों और वीरांगनाओं के त्याग को भी प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में घर-घर जाकर पूर्व सैनिकों और वीर नारियों से संवाद किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को एक ही स्थान पर विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एकीकृत सैनिक कल्याण कॉम्पलेक्स का चरणबद्ध निर्माण कर रही है। पहले चरण में 36 करोड़ रुपये की लागत से जोधपुर, टोंक, शेरगढ़ और झुंझुनूं में इन कॉम्पलेक्स का निर्माण किया जाएगा। इनमें जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, युद्ध स्मारक, सैनिक कैंटीन, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जोधपुर में मेजर शैतान सिंह कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र और झुंझुनूं में वॉर म्यूजियम भी स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में रेक्सको के माध्यम से नियोजित पूर्व सैनिकों के मानदेय में पिछले दो वर्षों में 20 प्रतिशत की वृद्धि की है। साथ ही आरटीडीसी के होटलों और गेस्ट हाउसों में वीरांगनाओं को 50 प्रतिशत और सेवारत तथा पूर्व सैनिकों को 25 प्रतिशत छूट दी जा रही है।
इस अवसर पर सप्तशक्ति कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा कि सैनिक कभी अकेला नहीं होता और यही संदेश देने के लिए गौरव सैनानी समारोह आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक देश की दूसरी रक्षा पंक्ति (सेकंड लाइन ऑफ डिफेंस) के रूप में कार्य करते हैं।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों का सम्मान किया, उन्हें जॉब लेटर प्रदान किए और प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर चूरू विधायक हरलाल सहारण, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष देवेंद्र झाझड़िया सहित कई जनप्रतिनिधि, सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक, वीर नारियां और उनके परिवारजन उपस्थित रहे।