



जयपुर। पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव में दो बच्चों की बाध्यता समाप्त करने की दिशा में राजस्थान सरकार ने बड़ा कदम आगे बढ़ा दिया है। इस संबंध में दो अलग-अलग संशोधन विधेयक विधानसभा में रख दिए गए हैं। पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने राजस्थान पंचायतीराज (संशोधन) बिल पेश किया, जबकि नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री (UDH) झाबर सिंह खर्रा ने राजस्थान नगरपालिका (संशोधन) बिल सदन के पटल पर रखा। अब इन विधेयकों पर जल्द ही बहस कराकर इन्हें पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और पारित कराने की तारीख शीघ्र तय की जाएगी।
पंचायतीराज संशोधन बिल में वार्ड पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति प्रधान और जिला प्रमुख के चुनाव में दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्ति को अयोग्य मानने वाला प्रावधान हटाने का प्रस्ताव है। वहीं नगरपालिका संशोधन बिल में पार्षद, मेयर, नगर पालिका अध्यक्ष और सभापति के चुनाव लड़ने के लिए लागू दो बच्चों की बाध्यता समाप्त करने का प्रावधान किया गया है। इन दोनों विधेयकों के पारित होने के बाद पंचायत और निकाय चुनावों में उम्मीदवार बनने के लिए बच्चों की संख्या से जुड़ी शर्त खत्म हो जाएगी।