



जयपुर। डिजिटल बाल मेला के तत्वावधान में आयोजित होने वाले जयपुर बाल महोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को सांगानेर स्थित पिंजरा पोल गौशाला परिसर में गोशाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रदीप बाहेती ने आयोजन स्थल का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंच व्यवस्था, बच्चों के प्रदर्शन क्षेत्र, आगंतुकों के लिए सुविधाओं तथा सुरक्षा से जुड़े प्रबंधों का निरीक्षण किया।
गोशाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रदीप बाहेती ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय पहचान से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को अपने जिले की विशेषताओं को प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलती है।
तीन दिवसीय जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के सभी 41 जिलों से बच्चे भाग लेंगे। इसमें बच्चे अपने-अपने शहरों, कस्बों और गांवों की विशेषताओं, स्थानीय खानपान, लोक परंपराओं, ऐतिहासिक दास्तानों और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण लेकिन कम चर्चित स्थलों के बारे में प्रस्तुति देंगे। इस आयोजन के माध्यम से प्रदेश की विविध संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं को भी मंच मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि इस महोत्सव के पोस्टर का विमोचन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा किया था। उन्होंने बच्चों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अपने जिले की विशेषताओं को सामने लाने की अपील की थी, ताकि प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
डिजिटल बाल मेला की फाउंडर जान्हवी शर्मा ने बताया कि यह आयोजन बच्चों की रचनात्मकता को मंच देने के साथ-साथ उनमें उद्यमिता की भावना को भी प्रोत्साहित करेगा। बाल महोत्सव में भाग लेने के इच्छुक बच्चे डिजिटल बाल मेला के पंजीकृत नंबर +91 8005915026 पर व्हाट्सएप या टेलीग्राम के माध्यम से अपना पंजीकरण कर सकते हैं।