



जयपुर । राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को बाड़मेर जिले के शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र भाटी के ध्यान आकर्षण प्रस्ताव पर नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अजमेर नगर निगम में झूठा शपथ पत्र देकर पट्टा हासिल करने के मामले में नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर (उपायुक्त) सहित चार अधिकारियों को एपीओ कर दिया है। नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने प्रकरण की जांच प्रभावित न हो चारों दोषी अधिकारियों का मुख्यालय जयपुर करने के निर्देश दिए हैं।
विधानसभा में नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने स्पष्ट किया कि फर्जी पट्टे जारी करने का मामला गंभीर है। उन्होंने कहा कि स्वायत शासन निदेशक को निर्देश देते हुए कहा कि वे इस मामले की जांच का पत्र जिला कलक्टर अजमेर को तत्काल भेजेंगे। इस पत्र में यह भी निर्देश दिए गए कि जिला कलक्टर इस प्रकरण के साथ-साथ गत 6 माह नगर निगम अजमेर द्वारा जारी सभी पट्टे की जांच अपनी निगरानी में अतिरिक्त जिला कलक्टर से आगामी दो सप्ताह में कराकर तथ्यात्मक रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रेषित की जाए। नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि चार अधिकारियों के अलावा यदि और किसी अन्य अधिकारी और कर्मचारी की गड़बड़ी पाई जाए तो उसके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश भी की जाए।
नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इस गंभीर प्रकरण में तथात्मक जांच रिपोर्ट के बाद निलंबित करने और 16 सीसी के तहत कार्रवाई करने की घोषणा की गई।
बाड़मेर जिले के शिव निर्दलीय विधायक रविन्द्रसिंह भाटी ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम में नियमों को दरकिनार कर पट्टे जारी किए गए हैं और पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने इस प्रकरण के दोषी अधिकारियों को निलंबित करने की मांग रखी ।
मामले पर जवाब देते हुए नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक आवेदक ने झूठा शपथ पत्र देकर पट्टा प्राप्त किया। इस मामले में नगर निगम के उपायुक्त विकास, वरिष्ठ प्रारूपकार, कनिष्ठ अभियंता (सिविल) और कनिष्ठ सहायक को एपीओ कर दिया है। जांच प्रभावित न हो चारों का मुख्यालय जयपुर किया गया है।