



जयपुर। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मुकाबलों से पहले जयपुर का ऐतिहासिक सवाई मानसिंह स्टेडियम इस बार पूरी तरह नए रूप में नजर आएगा। राजस्थान सरकार स्टेडियम के व्यापक रिनोवेशन पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस बार जयपुर में चार मैच मिलने की संभावना है।
खेल विभाग के सचिव नीरज कुमार पवन के अनुसार ग्राउंड से लेकर फ्लड लाइट, पवेलियन से लेकर स्टैंड और बिजली व्यवस्था तक हर स्तर पर सुधार किया जा रहा है, ताकि खिलाड़ियों के साथ मैच देखने आने वाले दर्शकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं का अनुभव मिल सके।
स्टेडियम में दर्शकों की बैठने की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए करीब 18 हजार कुर्सियों की जांच की जा रही है, जिनमें से टूटी हुई कुर्सियों को बदला जा रहा है। इसके अलावा 4 हजार नई कुर्सियां भी मंगवाई गई हैं। स्टेडियम के विभिन्न हिस्सों में जहां भी टूट-फूट थी, उसे ठीक किया जा रहा है और पूरे परिसर में नए सिरे से पेंटिंग का काम चल रहा है। इस बार आईपीएल मैचों के दौरान पूरा स्टेडियम गुलाबी रंग में सजा हुआ नजर आएगा।
दर्शकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम में बिजली के खुले तारों और बॉक्स को कवर किया जा रहा है। साथ ही साउथ पवेलियन के फर्स्ट फ्लोर पर बने इलेक्ट्रिसिटी रूम को ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जोखिम कम किया जा सके। इसके अलावा स्टेडियम परिसर में कई वर्षों से जमा कबाड़ को हटाकर करीब 7 से 8 टन स्क्रैप निस्तारित किया गया है, जिससे सरकार को राजस्व भी प्राप्त हुआ है।
इंडियन प्रीमियर लीग के मुकाबलों से पहले स्टेडियम की संरचनात्मक मजबूती जांचने के लिए लोड टेस्ट भी किया जा रहा है। स्टेडियम के विभिन्न हिस्सों में 35 हजार किलो वजन रखकर उसकी क्षमता और सुरक्षा का परीक्षण किया गया है, ताकि मैच के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या न आए।
गर्मी के मौसम को देखते हुए स्टेडियम के नॉर्थ और साउथ पवेलियन में लगे पुराने एयर कंडीशनर भी बदले जा रहे हैं। पिछले आईपीएल सीजन में दर्शकों को गर्मी का सामना करना पड़ा था, इसलिए इस बार नए AC लगाए जा रहे हैं ताकि बेहतर कूलिंग मिल सके। बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने करीब 25 लाख रुपये की लागत से 250 KVA का एडवांस जनरेटर भी खरीदा है, जिससे बिजली बाधित होने की स्थिति में पूरे स्टेडियम में आपूर्ति जारी रखी जा सकेगी।
करीब 18 साल पहले लगी पुरानी फ्लड लाइट्स को भी हटाकर अब आधुनिक तकनीक वाली LED फ्लड लाइट्स लगाई जा रही हैं। इन लाइट्स में रोशनी के स्तर को आवश्यकता के अनुसार कम या ज्यादा किया जा सकेगा, जिससे ऊर्जा की बचत के साथ संचालन भी आसान होगा। इसके अलावा खेल परिषद भवन और नॉर्थ-साउथ पवेलियन के सभी टॉयलेट्स का भी नवीनीकरण किया जा रहा है, ताकि दर्शकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
खेल विभाग स्टेडियम की सीटिंग क्षमता बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रहा है। इसके तहत ईस्ट स्टैंड के पीछे अतिरिक्त कुर्सियां लगाने और खेल भवन क्षेत्र में भी दर्शकों के बैठने की व्यवस्था करने की योजना बनाई जा रही है। पिछली बार सुरक्षा कारणों से वहां दर्शकों को बैठने की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन इस बार बेहतर योजना और सुरक्षा व्यवस्था के साथ इसे लागू करने की तैयारी की जा रही है।