Saturday, 28 February 2026

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र, पूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य बजट और दिव्यांगता पेंशन पर टैक्स वापस लेने की मांग


लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र, पूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य बजट और दिव्यांगता पेंशन पर टैक्स वापस लेने की मांग

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नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों से जुड़े दो अहम मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। 25 फरवरी 2026 को लिखे इस पत्र में राहुल गांधी ने एक्स-सर्विसमेन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ECHS) के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने और दिव्यांगता पेंशन पर लागू किए गए नए आयकर प्रावधान को वापस लेने का अनुरोध किया है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि एक्स-सर्विसमेन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम का उद्देश्य देश की सेवा कर चुके पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन वर्तमान में यह योजना गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है। उन्होंने लिखा कि अपर्याप्त बजट और संसाधनों की कमी के कारण पूर्व सैनिकों को समय पर उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिससे वे स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन्होंने अपना जीवन देश की रक्षा में समर्पित किया, उन्हें बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़े, यह स्थिति चिंताजनक है। राहुल गांधी ने वित्त मंत्रालय से आग्रह किया कि आगामी बजटीय प्रावधानों में ईसीएचएस के लिए पर्याप्त धनराशि सुनिश्चित की जाए ताकि पूर्व सैनिकों को सम्मानजनक और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

दूसरे मुद्दे पर उन्होंने दिव्यांगता पेंशन पर लगाए गए नए आयकर प्रावधान को वापस लेने की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि दिव्यांग सैनिकों पर कर का बोझ डालना न्यायसंगत नहीं है, क्योंकि यह पेंशन उनके शारीरिक नुकसान और सेवा के दौरान हुए त्याग की भरपाई के रूप में दी जाती है। ऐसे में इस पर कर लगाना संवेदनशीलता और न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पत्र की एक प्रति रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी भेजी है, ताकि इस विषय पर रक्षा मंत्रालय भी आवश्यक कदम उठा सके। उन्होंने केंद्र सरकार से अपेक्षा जताई कि पूर्व सैनिकों और दिव्यांग जवानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और उनके सम्मान व अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

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