



नागौर/डीडवाना-कुचामन। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के कुचामन दौरे के दौरान आरएलपी कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन और रास्ता रोकने की घटना के बाद राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर सख्त कार्रवाई की है। तहसीलदार को हटाने के बाद अब डीडवाना-कुचामन जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ज्ञानचंद यादव को भी पद से हटा दिया गया है।
जानकारी के अनुसार कुचामन में आयोजित भाजपा के प्रशिक्षण शिविर के दौरान आरएलपी कार्यकर्ताओं ने प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति भी बनी थी, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर प्रदर्शनकारियों को हटाया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था।
घटना को सरकार ने गंभीरता से लेते हुए पहले संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बाद देर रात जारी आदेशों में पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद यादव को भी हटा दिया गया। खास बात यह है कि ज्ञानचंद यादव को डीडवाना-कुचामन जिले में नियुक्त हुए महज 10 दिन ही हुए थे।
राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था और वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था में कथित चूक से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से आधिकारिक आदेश में कारणों का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है।
मदन राठौड़ के विरोध को लेकर भाजपा और आरएलपी के बीच पहले से चल रही राजनीतिक बयानबाजी भी इस घटनाक्रम के बाद और तेज हो गई है। हाल के दिनों में भैराणा धाम और अन्य मुद्दों को लेकर दोनों दलों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
