



राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर जयपुर में तीन दिवसीय राजस्थान विज्ञान महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 26 फरवरी से 28 फरवरी तक एमएनआईटी जयपुर के वीएलटीसी कॉम्प्लेक्स में आयोजित होगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, राजस्थान सरकार, वीभा राजस्थान तथा मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) जयपुर के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाना, नवाचार को प्रोत्साहित करना और युवाओं को वैज्ञानिक सोच से जोड़ना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र 26 फरवरी को सुबह 9 बजे आयोजित होगा, जिसमें राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष प्रो. वासुदेव देवनानी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर पद्मश्री प्रो. आशुतोष शर्मा, पूर्व सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास मुख्य वक्ता के रूप में विज्ञान एवं तकनीकी विकास से जुड़े विषयों पर संबोधित करेंगे।
महोत्सव का विशेष सत्र 27 फरवरी को आयोजित किया जाएगा, जिसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, वन एवं पर्यावरण विभाग के स्वतंत्र प्रभार मंत्री संजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। इस सत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी नवाचार तथा भविष्य की विज्ञान शिक्षा पर विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान छात्रों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों को आधुनिक विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवाचार और वैज्ञानिक शोध से जुड़ी नई जानकारियां प्रदान की जाएंगी।
समापन समारोह 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर आयोजित होगा, जिसमें राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा तथा विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए नई पहल पर चर्चा की जाएगी।
आयोजकों के अनुसार राजस्थान विज्ञान महोत्सव का उद्देश्य विज्ञान को केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखते हुए समाज और विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय बनाना है। कार्यक्रम में वैज्ञानिक प्रदर्शनियां, संवाद सत्र, नवाचार प्रस्तुतियां और युवा वैज्ञानिकों के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
कार्यक्रम के आयोजन में वीभा राजस्थान के सचिव डॉ. मेघेंद्र शर्मा, एमएनआईटी जयपुर के निदेशक डॉ. एन.पी. पाध्य तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग राजस्थान के सचिव वी. सरवणा कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। आयोजन से जयपुर को विज्ञान और नवाचार के एक प्रमुख केंद्र के रूप में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।