



जयपुर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, स्मार्ट और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू होने जा रही है। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (JCTSL) द्वारा शहर में इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन गुरुवार से प्रारंभ किया जाएगा। यह ट्रायल अग्रवाल फार्म क्षेत्र से शुरू होगा और लगातार तीन दिनों तक विभिन्न रूटों पर बसों की तकनीकी और संचालन क्षमता का परीक्षण किया जाएगा।
ट्रायल रन के दौरान दो अलग-अलग आकार की इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया गया है। इनमें एक 12 मीटर लंबी स्टैंडर्ड साइज ई-बस और दूसरी 9 मीटर लंबी मिडी ई-बस होगी। परीक्षण के दौरान बसों में यात्रियों को बैठाने के बजाय निर्धारित वजन रखा जाएगा, ताकि वास्तविक परिस्थितियों में बसों की लोड क्षमता, बैटरी प्रदर्शन और ऊर्जा खपत का सटीक आकलन किया जा सके।
JCTSL अधिकारियों के अनुसार ट्रायल के दौरान बसों की बैटरी बैकअप क्षमता, चार्जिंग समय, संचालन लागत, शहर की सड़कों पर उनकी गतिशीलता और ट्रैफिक परिस्थितियों में प्रदर्शन का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। ट्रायल से प्राप्त तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर इलेक्ट्रिक बसों का अंतिम मॉडल, डिजाइन, कलर स्कीम और संचालन रणनीति तय की जाएगी।
शहर में ई-बसों के संचालन से डीजल और सीएनजी आधारित वाहनों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है, जिससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी। साथ ही यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त, शांत और आरामदायक यात्रा अनुभव मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसें जयपुर के शहरी परिवहन को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
यदि ट्रायल सफल रहता है तो जल्द ही जयपुर की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसों का नियमित संचालन शुरू किया जाएगा, जिससे शहर को स्वच्छ, हरित और स्मार्ट मोबिलिटी की दिशा में नई पहचान मिलने की संभावना है।