Tuesday, 17 February 2026

राजस्थान विधानसभा में बवाल: आरोपों से आहत विधायक डॉ. गोपाल शर्मा ने दी इस्तीफे की चेतावनी, वीडियो जारी कर मांगी माफी


राजस्थान विधानसभा में बवाल: आरोपों से आहत विधायक डॉ. गोपाल शर्मा ने दी इस्तीफे की चेतावनी, वीडियो जारी कर मांगी माफी

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राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को अभूतपूर्व घटनाक्रम देखने को मिला, जब गौवंश के मुद्दे पर शुरू हुई बहस ने अचानक तीखा रूप ले लिया। चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सिविल लाइन्स से विधायक डॉ. गोपाल शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए। आरोपों के बाद सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया और हंगामे की स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपों से आहत डॉ. शर्मा भावुक हो गए और आवेश में विपक्षी बेंचों की ओर बढ़ गए। इसी दौरान उन्होंने कहा कि यदि उनके किसी व्यक्ति की संलिप्तता सिद्ध होती है तो वे सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे।

वीडियो संदेश में रखी अपनी बात

घटनाक्रम के बाद डॉ. गोपाल शर्मा ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने संदेश की शुरुआत “भारत माता की जय” और “जय श्री राम” के उद्घोष से की। अपनी वैचारिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वे बचपन से हिंदुत्व के संस्कारों में पले-बढ़े हैं और उनके लिए गौ, गायत्री, गीता तथा धरती माता आस्था और जीवन का आधार हैं।

उन्होंने आरोपों को अपनी निष्ठा और वर्षों की तपस्या पर प्रहार बताया। उनके अनुसार, उन पर लगाए गए “घिनौने आरोप” असहनीय थे, जिसके कारण वे स्वयं पर नियंत्रण नहीं रख सके।

सदन की मर्यादा पर जताया आजीवन खेद

डॉ. शर्मा ने सदन के भीतर हुए हंगामे और अपने व्यवहार पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के रूप में उन्हें संयम रखना चाहिए था और आवेश में आकर सदन की मर्यादा भंग करना उचित नहीं था। उन्होंने इसे अपना “आजीवन खेद” बताया और स्पष्ट किया कि उनकी प्रतिक्रिया केवल उन आरोपों के विरुद्ध स्वाभाविक मानवीय प्रतिक्रिया थी, जिन्हें वे कभी स्वीकार नहीं कर सकते।

क्या था पूरा विवाद?

सदन में चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जयपुर में बछड़े का कटा सिर मिलने के मामले का उल्लेख करते हुए कथित तौर पर विधायक के संरक्षण की बात कही थी। इसी आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. शर्मा ने कहा था कि यदि उनके किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो वे विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे। वीडियो संदेश में उन्होंने दोहराया कि वे आज भी अपने कथन पर कायम हैं और उनकी निष्ठा पूरी तरह साफ है।

‘अंतिम सांस तक’ का संकल्प

अपने संदेश के अंत में डॉ. गोपाल शर्मा ने कहा कि वे अंतिम सांस तक भारत माता और सनातन मूल्यों के लिए समर्पित रहेंगे। फिलहाल इस घटनाक्रम ने बजट सत्र के बीच राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्मा दिया है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज रहने की संभावना है।

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