



जयपुर में वकीलों और निजी अस्पताल प्रबंधन के बीच विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। वकील निविक हॉस्पिटल के संचालक डॉ. सोनदेव बंसल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पिछले 24 घंटे से अधिक समय से राजस्थान हाईकोर्ट के बाहर धरने पर डटे हुए हैं। सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे वकीलों ने हाईकोर्ट के बाहर रास्ता जाम कर प्रदर्शन शुरू किया था, जो रातभर जारी रहा। धरने पर बैठे वकीलों का कहना है कि जब तक संबंधित डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इस बीच प्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स एसोसिएशन ने वकीलों की मांग को गैर-वाजिब बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। एसोसिएशन का कहना है कि यदि दबाव में आकर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, तो राज्यभर के चिकित्सक आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं और आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
विवाद को बढ़ता देख मंगलवार सुबह बीसीआर (बार काउंसिल ऑफ राजस्थान) के चेयरमैन भुवनेश शर्मा ने हाईकोर्ट से मामले में हस्तक्षेप की मांग की। इस पर कोर्ट ने एएजी जीएस गिल को दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता करने के निर्देश दिए। बाद में जस्टिस इंद्रजीत सिंह की बेंच में पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उपस्थित होकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी कोर्ट के समक्ष रखी। कोर्ट ने मामले में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने के लिए वकीलों को विधिवत प्रार्थना पत्र दाखिल करने के लिए कहा है।
धरने और जाम के चलते शहर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से ट्रैफिक डायवर्ट किया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि कानून-व्यवस्था बनी रहे और दोनों पक्षों के बीच संवाद के जरिए समाधान निकाला जा सके। फिलहाल शहर में इस मुद्दे को लेकर तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रित स्थिति बनी हुई है।