



जयपुर। विधानसभा घेराव के लिए निकले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मंगलवार को पुलिस ने पानी की बौछार कर दी। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के खेलकूद प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता 22 गोदाम स्थित सहकार भवन पर एकत्रित हुए थे, जहां सभा के बाद वे रैली के रूप में विधानसभा की ओर बढ़े। पुलिस ने पहले से ही बैरिकेडिंग कर रखी थी और जैसे ही कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, उन्हें रोक दिया गया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई।
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सख्ती दिखाई। प्रदर्शन में शामिल खेलकूद प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अमीन पठान ने आरोप लगाया कि 12 से अधिक कार्यकर्ता घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बर्बरता पूर्वक पानी की बौछार और लाठियों का प्रयोग किया। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं और युवाओं तथा खिलाड़ियों के मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
अमीन पठान ने कहा कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी सरकार बनने के बाद खेल बजट में कमी आई है। खिलाड़ियों को समय पर यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता, प्रोत्साहन राशि और छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है। खेल मैदानों पर अतिक्रमण बढ़ रहा है और कई स्टेडियमों के निर्माण कार्य ठप पड़े हैं। उनका आरोप था कि इससे युवाओं का खेलों से मोहभंग हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र मांगें पूरी नहीं कीं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने विधानसभा अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपकर खेल विरोधी नीतियां समाप्त करने और खिलाड़ियों को सुविधाएं तथा रोजगार देने की मांग की।
प्रदर्शन से पूर्व आयोजित सभा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी मौजूद रहे। मंच से डोटासरा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सरकार पर निशाना साधा और कहा कि विधानसभा को गौहत्या के मुद्दे पर स्थगित किया गया है, जबकि जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल वोट बैंक की राजनीति कर रही है। सभा के दौरान डोटासरा ने गमछा लहराकर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया।
पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए और प्रदर्शनकारियों को निर्धारित सीमा से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं थी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, जबकि क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।