Sunday, 01 March 2026

राजस्थान बजट 2026: स्टाम्प सरचार्ज बढ़ा, संपत्ति रजिस्ट्री महंगी, लोन डॉक्यूमेंट और बाहर की गाड़ियों पर राहत


राजस्थान बजट 2026: स्टाम्प सरचार्ज बढ़ा, संपत्ति रजिस्ट्री महंगी, लोन डॉक्यूमेंट और बाहर की गाड़ियों पर राहत

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राजस्थान सरकार ने बुधवार 11 फरवरी को पेश बजट में स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन से जुड़े कई अहम फैसले लिए हैं। सरकार ने स्टाम्प पेपर पर लगने वाले सरचार्ज को 3 प्रतिशत बढ़ा दिया है, जिससे स्टाम्प पेपर खरीदना महंगा होगा और इसका सीधा असर संपत्ति की रजिस्ट्री लागत पर पड़ेगा। साथ ही, अलग-अलग श्रेणी की जमीनों की डीएलसी दरों (डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी दर) में बदलाव कर पूरे प्रदेश में एक समान दर लागू करने का आदेश जारी किया गया है। इन दोनों फैसलों से अचल संपत्ति के लेन-देन की कुल लागत बढ़ने की संभावना है।

लोन डॉक्यूमेंट के रजिस्ट्रेशन और स्टाम्प ड्यूटी में कटौती

सरकार ने बैंक या अन्य वित्तीय संस्थाओं से लिए जाने वाले ऋण से संबंधित दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन शुल्क को 1% से घटाकर 0.5% कर दिया है। साथ ही अधिकतम सीमा 1 लाख रुपये तय की गई है—यदि 0.5% की गणना 1 लाख से अधिक होती है, तो भी केवल 1 लाख रुपये ही वसूले जाएंगे। इसी तरह इन दस्तावेजों पर लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी 0.25% से घटाकर 0.125% कर दी गई है और इसकी अधिकतम सीमा 15 लाख से घटाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। इससे होम लोन, मॉर्गेज या अन्य बड़े ऋण लेने वालों को राहत मिलेगी।

फार्म हाउस और रिसोर्ट भूमि की रजिस्ट्री महंगी

सरकार ने फार्म हाउस की जमीन की डीएलसी दरों में बढ़ोतरी की है। पहले फार्म हाउस भूमि का बाजार मूल्य संबंधित कृषि भूमि की दर का 1.5 गुना माना जाता था, अब इसे कृषि भूमि की दर का 3 गुना मानकर रजिस्ट्री होगी।

रिसोर्ट भूमि के मामले में पहले कृषि भूमि के 2 गुना दर से रजिस्ट्री होती थी, अब इसे संबंधित क्षेत्र की कमर्शियल दर के 75% के आधार पर आंका जाएगा। इन बदलावों से फार्म हाउस और रिसोर्ट प्रोजेक्ट की लागत बढ़ेगी।

दूसरे राज्य से निजी वाहन लाने पर बड़ी छूट

सरकार ने अन्य राज्यों से स्थायी रूप से लाए जाने वाले निजी वाहनों के रजिस्ट्रेशन टैक्स पर छूट बढ़ाकर 25% से 50% कर दी है। इससे बाहर से वाहन खरीदकर राजस्थान में पंजीकरण कराने वालों को आर्थिक राहत मिलेगी। कुल मिलाकर, बजट में संपत्ति रजिस्ट्री और स्टाम्प से जुड़े प्रावधानों में जहां आम खरीदारों पर अतिरिक्त भार की संभावना है, वहीं ऋण दस्तावेजों और वाहन पंजीकरण में राहत देकर संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।

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