


श्रीगंगानगर। जवाहरनगर थाना क्षेत्र के चर्चित दवा विक्रेता कपिल जिंदल हत्याकांड में पुलिस जांच ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार महज दो माह पुराने लिव-इन रिलेशनशिप में पैदा हुए आर्थिक विवाद ने एक सुनियोजित साजिश का रूप ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप कपिल जिंदल की हत्या कर दी गई। पुलिस का दावा है कि मृतक की लिव-इन पार्टनर सुखविंद्र कौर उर्फ राधिका ने अपने बेटों, दामाद और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर कपिल को सबक सिखाने की योजना बनाई थी, लेकिन मारपीट इतनी गंभीर हो गई कि उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार कपिल जिंदल और राधिका पिछले कुछ समय से साथ रह रहे थे। जांच में सामने आया है कि राधिका ने अपने पति की संपत्ति बेचकर प्राप्त धनराशि से कपिल को मेडिकल स्टोर खरीदने में आर्थिक सहायता दी थी। बाद में पैसों के लेन-देन और अन्य निजी कारणों को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगा। मामला इतना गंभीर हो गया कि राधिका ने पंजाब के मलोट थाने में शिकायत भी दर्ज करवाई थी, लेकिन दोनों के संबंधों में तनाव लगातार बढ़ता रहा।
पुलिस का मानना है कि इसी विवाद के चलते कपिल को सबक सिखाने की योजना बनाई गई। आरोप है कि मारपीट के दौरान कपिल को गंभीर चोटें लगीं, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद सबूत मिटाने और अपराध छिपाने के उद्देश्य से आरोपियों ने शव को इंदिरा गांधी नहर में फेंक दिया।
मामले में गिरफ्तार छह आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मुख्य आरोपी सुखविंद्र कौर उर्फ राधिका, उसके बेटे गुरप्रीत सिंह उर्फ बंटी और अमनदीप सिंह उर्फ बॉबी नागरा को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। वहीं राधिका के दामाद गुरदर्शन सिंह और बेटों के दो मित्रों सिकंदर सिंह तथा सतपाल सिंह की पुलिस रिमांड अवधि दो दिन के लिए बढ़ा दी गई है।
जवाहरनगर थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि जांच अभी जारी है। हत्या में प्रयुक्त खून से सने कपड़े और लोहे का कड़ा बरामद किया जाना शेष है। पुलिस के अनुसार इसी लोहे के कड़े से कपिल जिंदल पर कई वार किए गए थे। इन वस्तुओं की बरामदगी के बाद मामले में और महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आने की संभावना है।
पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और यह भी जांच की जा रही है कि हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई तथा इसमें शामिल प्रत्येक आरोपी की भूमिका क्या थी।