Sunday, 01 March 2026

राज्य बजट 2026: कर्मचारियों, महिला कार्मिकों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत, अनुकंपा नियुक्ति के दायरे का विस्तार


राज्य बजट 2026: कर्मचारियों, महिला कार्मिकों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत, अनुकंपा नियुक्ति के दायरे का विस्तार

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

राज्य सरकार ने बजट 2026 में राज्य कर्मचारियों, महिला कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए कई महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रावधानों की घोषणा की है। इन घोषणाओं का उद्देश्य कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना, महिला कार्मिकों को कार्यस्थल पर सहयोगी वातावरण देना तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है। बजट में अनुकंपा नियुक्ति, मातृत्व अवकाश, चाइल्ड केयर लीव, प्रतीक्षा सूची से भर्ती और पेंशन प्रक्रियाओं में सरलीकरण जैसे अहम फैसले शामिल किए गए हैं।

पुत्रवधू को भी अनुकंपा नियुक्ति, दिव्यांगता पर आश्रित को राहत

सरकार ने मृत सरकारी कर्मचारी के आश्रितों की सूची का दायरा बढ़ाते हुए अब पुत्रवधू को भी अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र बनाया है। इसके अतिरिक्त, यदि कोई कर्मचारी सेवा के दौरान स्थायी दिव्यांग हो जाता है और राजकार्य करने में असमर्थ हो जाता है, तो उसके पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। पहले यह प्रावधान मुख्यतः ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में दिव्यांगता की स्थिति तक सीमित था। यह फैसला परिवारों को आर्थिक असुरक्षा से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रतीक्षा सूची को मिलेगा अवसर, युवाओं को फायदा

सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया है। यदि किसी पद पर चयनित अभ्यर्थी ज्वाइन करने के बाद एक वर्ष के भीतर इस्तीफा देता है, मृत्यु हो जाती है या पदच्युत होता है, तो उसी पद के विरुद्ध वर्गवार प्रतीक्षा सूची से अभ्यर्थियों को अवसर दिया जाएगा। इससे वर्षों से प्रतीक्षा सूची में बैठे युवाओं को लाभ मिलेगा और रिक्त पद शीघ्र भरे जा सकेंगे।

राज्य सेवा अधिकारियों को विदेश प्रशिक्षण

आईएएस अधिकारियों की तर्ज पर अब राज्य सेवा के अधिकारियों को भी विदेश में प्रशिक्षण की सुविधा दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे अधिकारी ‘रूल बेस्ड’ कार्यप्रणाली से आगे बढ़कर ‘रोल बेस्ड’ और कर्मयोगी भावना के साथ कार्य करेंगे। इससे प्रशासनिक दक्षता और निर्णय क्षमता में सुधार होने की उम्मीद है।

सेलेरी अकाउंट पैकेज और पेंशनर्स को सुविधा

सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए विशेष ‘सेलेरी अकाउंट पैकेज’ लाया जाएगा। इसके तहत उन्नत बैंकिंग सुविधाएं, रियायती दरों पर ऋण, बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह सुविधा 70 वर्ष तक के पेंशनर्स को भी दी जाएगी।

पेंशन व्यवस्था में भी सरलीकरण किया गया है। अब विशेष योग्यजन (दिव्यांग) बच्चों को पारिवारिक पेंशन के लिए हर तीन वर्ष में प्रमाण पत्र देने की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। उन्हें केवल एक बार स्थायी दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। साथ ही, मोबाइल एप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक से वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र देने की सुविधा भी शुरू की जाएगी।

महिला कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान

महिला कार्मिकों के लिए कार्यालयों में तनावमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों की देखभाल के लिए “मुख्यमंत्री शिशु वात्सल्य सदन” स्थापित किए जाएंगे।

एकल महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव को अब वर्ष में अधिकतम तीन के बजाय छह चरणों में लेने का प्रस्ताव किया गया है। सेरोगेसी के माध्यम से मातृत्व प्राप्त करने वाली महिलाओं को भी राहत दी गई है। सेरोगेट मदर को 180 दिन और कमिशनिंग मदर को 90 दिन का मातृत्व अवकाश दिया जाएगा। इन प्रावधानों से स्पष्ट है कि सरकार कर्मचारियों के कल्याण, महिला सशक्तिकरण और प्रशासनिक सुधार को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

Previous
Next

Related Posts