



जयपुर। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील ने शनिवार को जयपुर में आयोजित केंद्रीय बजट 2026 पर व्यापारिक एवं व्यावसायिक संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के व्यापारी आत्मनिर्भर भारत के शिल्पकार हैं, जो देश-विदेश में अपनी कार्यकुशलता, परिश्रम और साहस के लिए पहचाने जाते हैं। केंद्रीय बजट 2026 में किसान, युवा, महिला, व्यापारी, एमएसएमई और उद्योग जगत—सभी वर्गों का समावेशी रूप से ध्यान रखा गया है। कस्टम, सिंगल विंडो और अन्य प्रक्रियाओं को सरल बनाकर व्यापार को सुगम बनाया जा रहा है। आयकर सीमा को 12 लाख रुपये से अधिक किए जाने से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिली है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। अब टैक्स देना भय का नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का गर्व का विषय बन गया है।
केंद्रीय मंत्री पाटील ने राजस्थान के जल संकट पर बोलते हुए कहा कि पीकेसी योजना और यमुना जल समझौते को धरातल पर उतारने का ऐतिहासिक कार्य भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में संभव हुआ है। हरियाणा से लगभग 90 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से पानी लाने की योजना पर सहमति बन चुकी है और इसकी डीपीआर तैयार हो चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राजस्थान की जल समस्या का स्थायी समाधान होगा, जिससे उद्योगों के विस्तार और रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा निरंतर राजस्थान के हितों के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर रहे हैं। उन्हें यह भली-भांति ज्ञात है कि प्रदेश को किस क्षेत्र में क्या आवश्यकता है और समाधान कहां से संभव है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जमीन से जुड़े हुए नेता हैं और जनता के हित में दृढ़ता से अपनी बात रखते हैं। यदि राजस्थान को पर्याप्त पानी मिल जाए, तो यहां का युवा देश के अग्रणी राज्यों से भी आगे निकल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईआरसीपी जैसी परियोजनाएं पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय वर्षों तक लंबित रहीं, जबकि वर्तमान सरकार ने मध्यप्रदेश और राजस्थान के समन्वय से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि व्यापारी और उद्यमी केवल व्यापार नहीं करते, बल्कि हजारों परिवारों के जीवनयापन का आधार भी बनते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद देश ने ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है। गरीब कल्याण, उद्योग, वैश्विक प्रतिष्ठा और आर्थिक मजबूती की दिशा में निरंतर कार्य हुआ है। भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राइजिंग राजस्थान अभियान के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में से लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश कार्य धरातल पर उतर चुके हैं। राज्य सरकार उद्योगों को भूमि, आधारभूत सुविधाएं और हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने व्यापारी वर्ग को आश्वस्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर राजस्थान को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही व्यापारियों से सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, नाहर सिंह जोधा, भाजपा महामंत्री भूपेंद्र सैनी, जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा, भाजपा सह-कोषाध्यक्ष डॉ. श्याम अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे