



अजमेर। अजमेर में जिला कोर्ट के नए भवन में वकीलों के बैठने सहित मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। जिला बार एसोसिएशन के साथ अब राजस्व बार एसोसिएशन भी आंदोलन में शामिल हो गई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
शनिवार को वकीलों ने जिला कोर्ट के पुराने भवन से रैली निकालकर नए भवन तक मार्च किया। वहां पहुंचकर उन्होंने जोरदार विरोध दर्ज कराया और न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार किया। इस बहिष्कार के चलते जिला अदालत में न्यायिक कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है।
स्थिति यह है कि जिला अदालत में करीब 10 हजार मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हो चुकी है। अदालतों में केवल अगली तारीखें दी जा रही हैं, जबकि जमानत और स्टे जैसे अत्यंत आवश्यक मामलों में भी सुनवाई नहीं हो पा रही है। वहीं, राजस्व मंडल में भी पिछले दो दिनों में लगभग 5 हजार मुकदमों में सिर्फ तारीखें बदली गई हैं, जिससे पक्षकारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. योगेंद्र ओझा और सचिव रूपेंद्र कुमार परिहार ने स्पष्ट किया कि बार की 14 सूत्री मांगों पर जब तक ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक कोई भी अधिवक्ता न्यायालय में कार्य नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि नए भवन में वकीलों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, आधारभूत सुविधाएं और कार्य के अनुकूल माहौल उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है, जिसे नजरअंदाज किया जा रहा है।
बार पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उधर, हजारों मुकदमों के लंबित होने से आमजन और वादकारियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।