



कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से पहले मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से जुड़े मामले में अपना जवाब दाखिल कर दिया है। शनिवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में प्रस्तुत जवाब में सोनिया गांधी ने उनके खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका को सिरे से खारिज करते हुए इसे गलत, अनुमानित तथ्यों पर आधारित और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत में स्पेशल जज विशाल गोगने की कोर्ट में वकील के माध्यम से दाखिल जवाब में सोनिया गांधी ने स्पष्ट कहा कि उनके खिलाफ लगाये गए आरोप तथ्यहीन हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह पुनर्विचार याचिका न केवल कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है, बल्कि ओछी राजनीति से प्रेरित होकर दायर की गई है।
जवाब में सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से पहले वोटर लिस्ट में शामिल होने से जुड़े सभी आरोपों का खंडन किया और अदालत से आग्रह किया कि इस याचिका को खारिज किया जाए। उनका कहना है कि याचिकाकर्ता ने बिना ठोस सबूतों के केवल अनुमान के आधार पर आरोप लगाए हैं, जिनका वास्तविक तथ्यों से कोई संबंध नहीं है।
अदालत ने मामले में अगली सुनवाई की तारीख 21 फरवरी तय की है। अब इस दिन कोर्ट पुनर्विचार याचिका और सोनिया गांधी की ओर से दाखिल जवाब पर आगे की कार्यवाही करेगी।