



जोधपुर। राजीव गांधी नगर थाना क्षेत्र के केरू चोपड़ इलाके में शुक्रवार शाम अवैध पत्थर खनन को लेकर चल रहा विवाद अचानक हिंसक बवाल में बदल गया। दो पक्षों के बीच हुए पथराव और हमले के दौरान एक पक्ष के लोग अपने वाहन मौके पर ही छोड़कर भाग गए। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने वहीं खड़ी जेसीबी मशीन को स्टार्ट कर एक के बाद एक सात वाहनों को कुचल दिया, जबकि खनन क्षेत्र में खड़े एक डम्पर को आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना में एक व्यक्ति घायल हुआ है। वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और हमलावर अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
पुलिस और ग्रामीणों के अनुसार केरू चोपड़ क्षेत्र में बुधाराम गोदारा पत्थर का खनन करता है। खनन स्थल के पास ही सरकारी जमीन है, जिस पर खनन को लेकर बुधाराम और गांव के पूर्व सरपंच पक्ष के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। शुक्रवार शाम करीब चार बजे बुधाराम अपने तीन-चार साथियों के साथ उक्त जमीन पर मौजूद था। दूसरे पक्ष को वहां अवैध खनन की आशंका हुई, जिस पर चार-पांच वाहनों में सवार होकर लोग मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद लोगों को भगाने के लिए पथराव शुरू कर दिया।
पथराव के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। कुछ समय तक दोनों ओर से विरोध किया गया, लेकिन संख्या अधिक होने के कारण हमला करने वाला पक्ष हावी हो गया। घबराकर खनन से जुड़े लोग अपने वाहन मौके पर ही छोड़कर भाग गए। इसका फायदा उठाते हुए स्थानीय लोगों ने खनन क्षेत्र में खड़ी जेसीबी को चालू किया और उससे तीन एसयूवी तथा तीन बोलेरो कैंपर सहित कुल सात वाहनों को बुरी तरह कुचल दिया। इसके अलावा एक डम्पर में आग लगा दी गई। सूचना पर पहुंची दमकल टीम ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे। बाद में जेसीबी मशीन को भी पलट दिया गया।
सूचना मिलने पर सहायक पुलिस आयुक्त प्रतापनगर रविन्द्र बोथरा और राजीव गांधी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दोनों पक्षों के लोग फरार हो चुके थे। पुलिस ने देर शाम खनिज विभाग के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाकर जांच शुरू करवाई और क्षतिग्रस्त वाहनों को थाने भिजवाया गया। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और फिलहाल केरू चोपड़ में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
गौरतलब है कि यह इलाका पहले भी अवैध खनन को लेकर हिंसा देख चुका है। 18 मई 2022 को केरू के तत्कालीन सरपंच सुरेश चौधरी की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का विरोध करने पर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने गांव में पांच मकान और दस से अधिक वाहन जला दिए थे। इसी पृष्ठभूमि के चलते मौजूदा घटना को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है।