



जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर और जोधपुर) को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से न्यायिक व्यवस्था में हड़कंप मच गया। हाईकोर्ट प्रशासन को मंगलवार सुबह रजिस्ट्रार के आधिकारिक ई-मेल पर धमकी मिली, जिसमें दावा किया गया कि हाईकोर्ट परिसर में तीन शक्तिशाली आरडीएक्स बम प्लांट किए गए हैं। धमकी मिलते ही हाईकोर्ट प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और सुरक्षा कारणों से परिसर को खाली कराया गया।
जयपुर हाईकोर्ट में धमकी के बाद सभी कोर्ट रूम, जजों के कक्ष और अधिवक्ता चैम्बर्स को खाली करवा दिया गया। बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर की गहन तलाशी ली गई। इस दौरान जयपुर हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया। करीब तलाशी अभियान पूरा होने के बाद जब कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई, तब वकीलों और पक्षकारों के लिए एंट्री खोली गई और जयपुर हाईकोर्ट में दोबारा न्यायिक कार्य शुरू किया गया।
इधर, जोधपुर हाईकोर्ट परिसर में भी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा तलाशी अभियान जारी है। पुलिस और सुरक्षा बल हर कोने की जांच कर रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके। वहीं अजमेर जिला न्यायालय को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। अजमेर कलेक्टर को भेजे गए मेल में धमकी देने वाले ने दावा किया कि कोर्ट परिसर में 13 आरडीएक्स बम लगाए गए हैं। इस सूचना के बाद अजमेर कोर्ट परिसर में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब राजस्थान हाईकोर्ट को इस तरह की धमकी मिली हो। पिछले वर्ष भी हाईकोर्ट को कुल छह बार बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। दिसंबर महीने में तो लगातार पांच दिनों तक धमकी भरे ई-मेल भेजे गए थे। बावजूद इसके, अब तक पुलिस धमकी देने वाले व्यक्ति या गिरोह तक नहीं पहुंच पाई है। बार-बार मिल रही ऐसी धमकियों से न्यायिक संस्थानों की सुरक्षा और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही हैं और ई-मेल के तकनीकी स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है, ताकि धमकी देने वाले को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।