



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को जयपुर के जेईसीसी में इंडिया स्टोनमार्ट का उद्घाटन करते हुए कहा कि राजस्थान के पत्थरों की विशिष्टता की विश्व पटल पर अनूठी पहचान है। देश के अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों, किलों और महलों में राजस्थान के पत्थरों का उपयोग हुआ है। अब प्रदेश का पत्थर उद्योग नई ऊंचाइयों को छूने के लिए पूरी तरह तैयार है और राज्य सरकार इसे और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उद्यमियों से आह्वान किया कि मिलकर राजस्थान के पत्थर उद्योग को देश में सिरमौर बनाएं।
मुख्यमंत्री शर्मा ने सीडॉस, रीको और लघु उद्योग भारती को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट प्रदर्शनी नए राजस्थान के संकल्प का प्रतीक है। यह आयोजन भारतीय प्राकृतिक पत्थर उद्योग की शक्ति और सामर्थ्य को प्रदर्शित करने वाला एक वैश्विक मंच बन चुका है। उन्होंने बताया कि इस बार स्टोनमार्ट की वेबसाइट 26 से अधिक अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में तैयार की गई है, डिजिटल मोबाइल एप्लीकेशन विकसित किया गया है और विशाल क्षेत्र में प्रदर्शनी का आयोजन हुआ है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट बनाता है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना ने उद्योगों को नई दिशा और विश्वास दिया है। भारतीय ग्रेनाइट, संगमरमर और सैंडस्टोन आज दुनियाभर में अपनी गुणवत्ता और सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं। भारत अब केवल पत्थरों का निर्यातक नहीं, बल्कि मूल्य संवर्धन और नवाचार का भी वैश्विक केंद्र बन रहा है, जिससे उद्योग के लिए तेजी से आगे बढ़ने के अवसर बने हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान आज निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और बेहतरीन स्थानों में शामिल है। राज्य सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम, औद्योगिक बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, लॉजिस्टिक्स सुधार और प्रक्रियाओं के सरलीकरण जैसे कदम उठाकर उद्योगों के लिए निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से करीब 8 लाख करोड़ रुपये के कार्य प्रारंभ हो चुके हैं, जो प्रदेश के औद्योगिक भविष्य को मजबूत आधार देंगे।
मुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी कहा कि राजस्थान खनिज संपदा से समृद्ध है और यहां 85 प्रकार के खनिज उपलब्ध हैं। मकराना का संगमरमर, किशनगढ़ का मार्बल और राजसमंद, जालौर, उदयपुर, डूंगरपुर व बांसवाड़ा के पत्थर विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग की असली ताकत हमारे कुशल कारीगर और मेहनतकश श्रमिक हैं, जिनकी कारीगरी साधारण पत्थर को अद्भुत कला में बदल देती है। राज्य सरकार श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान, कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक सुरक्षा उपकरण और बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार पत्थर उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। नई निवेश-अनुकूल नीतियों और सिंगल विंडो क्लियरेंस से उद्यमियों को बड़ा लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट प्रदेश के पत्थर उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शर्मा ने स्टोन क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्रीराम मेगा स्ट्रक्चर के निदेशक श्री अनिल चौधरी और एवर शाइन मार्बल्स के प्रबंध निदेशक मुकेश चंद्र अग्रवाल को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया। इससे पहले उन्होंने इंडिया स्टोनमार्ट 2026 प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया और विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन भी किया।