



राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बहस के दौरान डोटासरा ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि “शिक्षा मंत्री जी, शिक्षा का बंटाधार मत कीजिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों से पहले कुत्ते भगाने और बाद में रामकथा में ड्यूटी करवाई गई, जबकि स्कूलों में नामांकन लगातार घट रहा है। डोटासरा के अनुसार प्रदेश में लगभग पौने दो लाख विद्यार्थियों का नामांकन कम हो गया है और बीच सत्र में तबादले कर दिए गए।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि “पैसे की बात छोड़ दीजिए, जो 5 हजार का खेल कर सकता है, वह कितना बड़ा खेल कर सकता है।” इस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के सामने शिक्षकों ने यह कहा था कि डोटासरा पैसा खाते हैं। इस टिप्पणी पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद स्पीकर ने आरोपों को कार्यवाही से हटाने का आश्वासन दिया।
इसके बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर व्यक्तिगत कटाक्ष करते हुए कहा कि वे इन आरोपों को गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने अपने दादाजी की सीख का हवाला देते हुए कहा—“कीचड़ में पत्थर मत फेंको, क्योंकि वह उछलकर खुद पर ही गिरता है।”
स्कूलों की बदहाल स्थिति और हाईकोर्ट का जिक्र
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि प्रदेश के स्कूल जर्जर हालत में हैं और इस पर राजस्थान हाईकोर्ट बार-बार चेतावनी दे चुका है, लेकिन सरकार की “जूं तक नहीं रेंगी।” उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्कूलों में आज भी बच्चों के लिए टॉयलेट तक की व्यवस्था नहीं है, जो शिक्षा विभाग की गंभीर विफलता है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्री कथा में नाचते-गाते नजर आए, लेकिन शिक्षा सुधार और नवाचार के लिए दो वर्षों में मुश्किल से कुछ ट्वीट ही किए।
ईआरसीपी, पंचायत चुनाव और मनरेगा पर सरकार पर हमला
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने ईआरसीपी, पंचायत चुनाव और मनरेगा जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया जाना चाहिए, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस काम नहीं हुआ। यमुना जल समझौते को लेकर भी उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान के हितों से समझौता किया गया है। मनरेगा के मुद्दे पर डोटासरा ने कहा कि पहले केंद्र सरकार 90 प्रतिशत राशि देती थी, अब राज्य 40 प्रतिशत हिस्सा कैसे वहन करेगा।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बुलाने पर 100 करोड़ रुपये बर्बाद कर दिए गए, जबकि उनका काम देश की सुरक्षा से जुड़ा है, न कि नियुक्ति पत्र बांटना। बहस के दौरान सदन में लगातार शोर-शराबा होता रहा और माहौल काफी गर्म रहा।