Wednesday, 04 February 2026

राजस्थान में पंचायत चुनाव मार्च के पहले सप्ताह संभव, तीन चरणों में कराने की तैयारी


राजस्थान में पंचायत चुनाव मार्च के पहले सप्ताह संभव, तीन चरणों में कराने की तैयारी

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राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा संकेत मिला है। राज्य निर्वाचन आयोग मार्च के पहले सप्ताह में पंचायत चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। कार्यक्रम घोषित होते ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। आयोग पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराने पर गंभीरता से विचार कर रहा है, वहीं नगर निकाय चुनाव अप्रैल माह में कराए जाने की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं।

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने इस संबंध में संकेत देते हुए कहा कि ओबीसी सीटों के निर्धारण के लिए गठित ओबीसी (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग यदि समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर पाता है, तब भी पंचायत और निकाय चुनाव निर्धारित समय-सीमा में ही कराए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया को अनिश्चितकाल तक टाला नहीं जा सकता।

पंचायत चुनावों को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि दो से अधिक संतान वाले प्रत्याशी चुनाव लड़ पाएंगे या नहीं, तथा उम्मीदवारों के लिए शैक्षणिक योग्यता की शर्तें क्या रहेंगी। इसके साथ ही ओबीसी आरक्षण को लेकर स्थिति अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, क्योंकि ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग अब तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर पाया है।

उल्लेखनीय है कि पंचायत और नगर निकाय चुनावों में ओबीसी सीटों के लिए आरक्षण निर्धारण हेतु ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग का गठन 9 मई 2025 को किया गया था। आयोग को प्रारंभ में तीन माह की समय-सीमा दी गई थी, लेकिन 31 दिसंबर तक राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को आयोग की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो सकी। इसके बाद आयोग का कार्यकाल पहले 21 अगस्त को और फिर 31 मार्च तक बढ़ाया गया, फिर भी रिपोर्ट लंबित बनी हुई है।

सूत्रों के अनुसार, ओबीसी सीटों के निर्धारण का कार्य अभी अधूरा है। वहीं, न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत राज्य निर्वाचन आयोग को 15 अप्रैल तक पंचायत और निकाय चुनाव कराना अनिवार्य है। इसी कारण आयोग अब बिना ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के भी चुनाव कराने के विकल्प पर विचार कर रहा है, ताकि संवैधानिक समय-सीमा का उल्लंघन न हो।

कुल मिलाकर, मार्च के पहले सप्ताह में पंचायत चुनाव की घोषणा और अप्रैल में नगर निकाय चुनाव होने की पूरी संभावना है। ऐसे में प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर चुनावी सरगर्मी तेज होने के आसार हैं।

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