Wednesday, 04 February 2026

राजस्थान में पंचायतीराज चुनावों की तैयारी तेज, मार्च में हो सकते हैं मतदान


राजस्थान में पंचायतीराज चुनावों की तैयारी तेज, मार्च में हो सकते हैं मतदान

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जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग मार्च में ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के चुनाव कराने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आयोग 25 फरवरी के बाद कभी भी पंचायतीराज चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर सकता है। 25 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन प्रस्तावित है, जिसके बाद 28 फरवरी या मार्च के पहले सप्ताह में चुनाव कार्यक्रम जारी होने की संभावना है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी।

राज्य में इस बार पंचायत स्तर पर बड़े पैमाने पर चुनाव होने जा रहे हैं। प्रदेश में 3,441 नई ग्राम पंचायतों के गठन के बाद अब कुल ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर 14,635 हो गई है। पंचायतों में 45 हजार से अधिक नए वार्ड बनाए गए हैं, जिससे वार्ड पंचों के पदों की संख्या एक लाख से अधिक हो गई है। ऐसे में इस बार एक लाख से ज्यादा वार्ड पंचों और 14,635 सरपंचों के पदों पर चुनाव होंगे।

पंचायत समितियों और जिला परिषदों में भी चुनाव होंगे। प्रदेश में 85 नई पंचायत समितियां और 8 नई जिला परिषदें गठित की गई हैं। इसके बाद अब प्रदेश में कुल 450 पंचायत समितियां और 41 जिला परिषदें हो गई हैं। मार्च में 29 जिला परिषदों में जिला परिषद सदस्य और जिला प्रमुख के चुनाव कराए जाएंगे, जबकि 450 पंचायत समितियों में से करीब 400 पंचायत समितियों में समिति सदस्य और प्रधान के पदों पर मतदान होगा।

इस बार पंच और सरपंच के चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही कलेक्टरों को भेजी गई गाइडलाइन में इसके निर्देश दे चुका है। वहीं, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम से होंगे, लेकिन जहां ईवीएम की कमी होगी, वहां बैलेट बॉक्स से मतदान कराने की भी तैयारी है।

गौरतलब है कि प्रदेश की अधिकांश पंचायतों का कार्यकाल करीब एक साल पहले ही पूरा हो चुका है। वर्तमान में ग्राम पंचायतों में पूर्व सरपंचों और वार्ड पंचों की समिति बनाकर सरपंचों को प्रशासक की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि पंचायत समितियों और जिला परिषदों में अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया गया है। अब चुनावों के जरिए निर्वाचित प्रतिनिधियों को सत्ता सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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