



जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भजनलाल सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक में ‘डिस्टर्ब एरियाज बिल 2026’ (अशांत क्षेत्र विधेयक) के प्रारूप को मंजूरी दिए जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इसे प्रदेश के सामाजिक ताने-बाने, सांप्रदायिक सौहार्द और गौरवशाली इतिहास पर सीधा हमला करार दिया। बुधवार को जारी अपने बयान में जूली ने कहा कि यह विधेयक भाजपा की “फूट डालो और राज करो” की मानसिकता का प्रमाण है और सरकार अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए जानबूझकर प्रदेश में डर और विभाजन का माहौल बनाना चाहती है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राजस्थान के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह धरती महाराणा प्रताप और हाकिम खां सूरी की साझा विरासत की प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की सेना के हरावल दस्ते का नेतृत्व मुस्लिम सेनापति हाकिम खां सूरी ने किया था और दोनों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर बलिदान दिया। यह प्रदेश गंगा-जमुनी तहजीब और साझे बलिदान की मिसाल है, न कि सांप्रदायिक नफरत की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस ऐतिहासिक विरासत को नजरअंदाज कर जबरन ‘गुजरात मॉडल’ थोपकर राजस्थान को नफरत की प्रयोगशाला बनाना चाहती है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि पिछले दो वर्षों में भजनलाल सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, किसान संकट में हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इन असफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए सरकार ऐसे विवादास्पद और विभाजनकारी विधेयक ला रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास विकास का कोई ठोस एजेंडा नहीं है, इसलिए वह ध्रुवीकरण की राजनीति के सहारे सत्ता में बने रहना चाहती है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस नफरत की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “हम राहुल गांधी जी के सिपाही हैं। उन्होंने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के माध्यम से देश को जोड़ने और नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलने का संदेश दिया है। हम राजस्थान में डर और असुरक्षा का माहौल नहीं बनने देंगे और भाजपा की नफरत की राजनीति को यहां कामयाब नहीं होने देंगे।”
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी आगामी विधानसभा सत्र में इस विधेयक का पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि सदन के भीतर सरकार को कठघरे में खड़ा किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरकर जनता को भाजपा के विभाजनकारी चेहरे से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि राजस्थान के साझा गौरव, सामाजिक सौहार्द और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी किसी भी हद तक संघर्ष करेगी।