



जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज संस्थानों के चुनावों के दौरान मतदान केंद्रों पर मोबाइल फोन के उपयोग को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा की ओर से मंगलवार को जारी आदेशों के अनुसार मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता और गोपनीयता बनाए रखने के लिए वर्ष 2009 के चुनावों में लागू प्रावधानों को यथावत रखा गया है।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध केवल आम मतदाताओं तक सीमित नहीं होगा, बल्कि मौजूदा मंत्री, सांसद, विधायक और सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों पर भी समान रूप से लागू रहेगा। आयोग ने साफ कहा है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी दखल या प्रभाव को रोकने के लिए यह कदम आवश्यक है।
राज्य निर्वाचन आयोग के आदेशों के अनुसार मतदान केंद्र के अंदर और उसके 100 मीटर की परिधि में मोबाइल फोन ले जाने और उपयोग पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसका उद्देश्य मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की फोटो, वीडियो रिकॉर्डिंग, सोशल मीडिया पर प्रसारण या मतदाता को प्रभावित करने की संभावनाओं को खत्म करना है। मतदान केंद्रों पर तैनात चुनाव कर्मियों को भी इस नियम का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही आयोग ने पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर मतदाता सूची राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराने की दरें भी तय कर दी हैं। आयोग के निर्देशानुसार यदि मतदाता सूची एक तरफ छपी हुई होगी तो दो रुपए प्रति पृष्ठ, जबकि दोनों तरफ छपी सूची चार रुपए प्रति पृष्ठ की दर से उपलब्ध कराई जाएगी। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी राजनीतिक दलों को समान शर्तों पर मतदाता सूची प्रदान की जाएगी, ताकि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।
