Wednesday, 04 February 2026

भारत विकास परिषद का सेवा संगम कार्यक्रम आयोजित, स्वामी विवेकानन्द युवाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते थे: बागडे


भारत विकास परिषद का सेवा संगम कार्यक्रम आयोजित, स्वामी विवेकानन्द युवाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते थे: बागडे

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कोटा। भारत विकास परिषद के सेवा संगम कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द के संदेश आज भी जीवन में उतने ही उपयोगी हैं, जितने उनके समय में थे। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द की जयंती पर हमें उनके उपदेशों से प्रेरणा लेकर आत्मविश्वास, निडरता और दृढ़ संकल्प के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और सकारात्मक सोच से ही जीवन में सफलता प्राप्त होती है।

राज्यपाल बागडे सोमवार को शिव ज्योति कॉन्वेंट स्कूल के सभागार में स्वामी विवेकानन्द की 163 वीं जयंती पर आयोजित सेवा संगम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द युवाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते थे और मानते थे कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल जानकारी अर्जित करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, साहस, करुणा और एकाग्रता का विकास करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गरीब और कमजोर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य करना ही ईश्वर की सच्ची सेवा है।

बागडे ने कहा कि जीवन में सकारात्मक विचार अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि विचार ही भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानन्द के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी वाणी इतनी सकारात्मक होनी चाहिए कि उससे किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। उन्होंने विश्व बंधुत्व का संदेश देते हुए 1893 में शिकागो में दिए गए ऐतिहासिक भाषण का भी स्मरण किया, जिसमें स्वामी विवेकानन्द ने भारत की संस्कृति, आध्यात्म और सहिष्णुता की परंपरा को विश्व पटल पर स्थापित किया था।

राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत अपने नागरिकों की बौद्धिक और शारीरिक क्षमता के बल पर विश्व में अग्रणी राष्ट्र बनेगा। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि देश की प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना हम सबका लक्ष्य होना चाहिए और जब तक यह लक्ष्य प्राप्त न हो, तब तक निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। इस अवसर पर सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली कोटा की 31 संस्थाओं को सम्मानित भी किया गया।

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