



नई दिल्ली। सरकारी वकील भंवरलाल प्रजापत द्वारा दायर तलाक याचिका के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम अंतरिम आदेश पारित करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। यह आदेश पत्नी प्रतिभा की ओर से दायर अपील पर सुनवाई के बाद दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने पति को नोटिस जारी कर जवाब और शपथ-पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं तथा मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी 2026 को तय की है।
मामले के अनुसार भंवरलाल प्रजापत का विवाह वर्ष 2001 में बग्गड़ निवासी प्रतिभा से हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही दहेज की मांग पूरी नहीं होने का आरोप लगाते हुए प्रतिभा को घर से निकाल दिया गया। इसके बाद वर्ष 2002 में जयपुर के पारिवारिक न्यायालय में क्रूरता के आधार पर तलाक याचिका दायर की गई। याचिका में पत्नी पर आत्महत्या के प्रयास, पति का अपमान करने, मेहमानों के सामने बेइज्जती करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए गए। प्रतिभा ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कम दहेज के कारण तलाक लेकर दूसरी शादी करने का दबाव बनाया जा रहा था।
जयपुर के पारिवारिक न्यायालय क्रम संख्या–1 ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तलाक याचिका खारिज कर दी। इसके विरुद्ध वर्ष 2012 में राजस्थान हाईकोर्ट में अपील दायर की गई, जिस पर 23 जुलाई 2025 को खंडपीठ ने अपील स्वीकार करते हुए तलाक की डिग्री जारी कर दी। हाईकोर्ट के इस निर्णय को चुनौती देते हुए प्रतिभा ने सुप्रीम कोर्ट में 304 पेज की विस्तृत अपील दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ—संजय कौल और ओगस्टीन जोर्ज मसीह—ने अधिवक्ताओं पूनम चन्द भंडारी और अभिनव भंडारी की दलीलें सुनकर हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी