



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और इस संकल्प के केंद्र में नारी शक्ति है। उन्होंने कहा कि राज्य की डबल इंजन सरकार ने महिला सशक्तीकरण को जीवन के हर चरण से जोड़ा है—मातृत्व से लेकर शिक्षा, शिक्षा से आजीविका और आजीविका से सम्मानजनक, सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर जीवन तक।
मुख्यमंत्री रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर सामाजिक क्षेत्र में रुचि रखने वाली छात्राओं से बजट पूर्व संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मातृत्व स्वस्थ समाज की नींव है। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है, जिससे प्रदेश की करीब 10 लाख महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। इस योजना के अंतर्गत देय राशि को बढ़ाकर 6,500 रुपये किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महिला सशक्तीकरण तभी सार्थक होता है जब महिलाओं के पास कौशल, अवसर और आर्थिक आत्मनिर्भरता हो। इसी उद्देश्य से प्रदेश में लगभग 20 लाख महिलाओं को कौशल विकास और आजीविका कार्यक्रमों से प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में 12 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने बेटियों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि लाडो प्रोत्साहन योजना में दी जाने वाली राशि को बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दिया गया है। अब तक प्रदेश में बेटियों को साढ़े 10 लाख से अधिक साइकिलें और करीब 40 हजार स्कूटियां वितरित की जा चुकी हैं। इसके साथ ही जरूरतमंद महिलाओं को 450 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार देना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बीते दो वर्षों में एक लाख से अधिक पदों पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जबकि डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि 3.30 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे निजी क्षेत्र में भी बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
पेपरलीक के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय इस समस्या ने युवाओं का भविष्य प्रभावित किया, लेकिन वर्तमान सरकार में दो वर्षों में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है। भर्ती प्रक्रियाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि 10 जनवरी को नव चयनित कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र दिए गए, जिनमें 2500 से अधिक महिलाएं शामिल थीं।
मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि राजस्थान में पर्यटन, उद्योग, स्टार्टअप और मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं, जहां महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मनाए जाने वाले युवा दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके विचार आज भी युवाओं को प्रेरणा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का विकास तभी पूर्ण होगा, जब बेटियां शिक्षित, सुरक्षित, आत्मनिर्भर और आत्मसम्मान से परिपूर्ण हों। इस संवाद के दौरान मिले सुझाव नीति-निर्माण में उपयोगी सिद्ध होंगे। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव कौशल एवं उद्यमिता संदीप वर्मा, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, प्रमुख शासन सचिव महिला एवं बाल विकास भवानी सिंह देथा सहित बड़ी संख्या में छात्राएं और अधिकारी उपस्थित रहे।