



नई दिल्ली। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने केंद्रीय बजट 2026-27 से पूर्व आयोजित बजट-पूर्व परामर्श बैठक में राजस्थान की विकासात्मक आवश्यकताओं और वित्तीय प्राथमिकताओं को केंद्र सरकार के समक्ष विस्तार से प्रस्तुत किया। शनिवार को नई दिल्ली में निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में दिया कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत–2047 के विजन और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में राजस्थान सक्रिय भागीदारी निभा रहा है।
बैठक में उपमुख्यमंत्री ने जल शक्ति क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने पार्वती–कालीसिंध–चंबल लिंक परियोजना को राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित करने और इसके लिए 5,000 करोड़ रुपये के विशेष प्रावधान की मांग रखी। साथ ही शेखावाटी क्षेत्र के लिए यमुना जल संवहन परियोजना को राष्ट्रीय परियोजनाओं की सूची में शामिल करने का अनुरोध भी किया, ताकि जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों को दीर्घकालिक समाधान मिल सके।
दिया कुमारी ने राज्य में सूक्ष्म सिंचाई की व्यापक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना के अंतर्गत 900 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता की मांग की। ऊर्जा क्षेत्र में उन्होंने पारेषण परियोजनाओं, ग्रिड स्थिरता, बैटरी ऊर्जा भंडारण, कुसुम योजना के अतिरिक्त लक्ष्य तथा राज्य की विद्युत उपयोगिताओं पर उच्च ब्याज वाले ऋणों के पुनर्गठन की आवश्यकता पर बल दिया। इसके अलावा, सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में वर्ष 2018 में घोषित 50 प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्गों को शीघ्र अधिसूचित करने और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए वीजीएफ (Viability Gap Funding) सहायता प्रदान करने का भी अनुरोध किया गया।