Friday, 28 August 2026

निकाय चुनाव में भाजपा का दावा: 50 हजार से ज्यादा आवेदन, मेरिट पर मिलेगा टिकट, सिफारिश नहीं चलेगी: चंद्रशेखर बावनकुले


निकाय चुनाव में भाजपा का दावा: 50 हजार से ज्यादा आवेदन, मेरिट पर मिलेगा टिकट, सिफारिश नहीं चलेगी: चंद्रशेखर बावनकुले

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जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने टिकट वितरण के मानदंड साफ कर दिए हैं। पार्टी के निकाय चुनाव सह-प्रभारी और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि पार्टी को प्रदेशभर से 50 हजार से अधिक आवेदन मिले हैं, लेकिन टिकट केवल मेरिट और जीत की संभावना के आधार पर दिया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और पार्टी के वरिष्ठ नेता मिलकर प्रत्याशियों के नामों पर मंथन कर रहे हैं। बावनकुले ने कहा कि किसी भी टिकट में सिफारिश नहीं चलेगी और केवल वही उम्मीदवार चुना जाएगा, जिसकी जमीन पर पकड़ मजबूत हो और जीतने की संभावना सबसे ज्यादा हो।

50 हजार से ज्यादा आवेदन, हर सीट पर कड़ा मुकाबला

चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि निकाय चुनाव के लिए भाजपा के पास 50 हजार से अधिक आवेदन आए हैं। इससे साफ है कि पार्टी के भीतर टिकट को लेकर दावेदारी काफी मजबूत है।

उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर आवेदन आने के बावजूद पार्टी किसी दबाव या सिफारिश के आधार पर निर्णय नहीं करेगी। प्रत्येक सीट पर उम्मीदवार की स्थानीय स्वीकार्यता, संगठन में सक्रियता, जनसंपर्क और चुनाव जीतने की क्षमता का आकलन किया जाएगा।

‘जिताऊ उम्मीदवार को ही टिकट’

बावनकुले ने कहा कि भाजपा का फोकस साफ है—जिस उम्मीदवार की जीत की संभावना सबसे अधिक होगी, पार्टी उसी पर भरोसा करेगी।

उन्होंने कहा कि टिकट वितरण में स्थानीय समीकरणों के साथ प्रत्याशी की व्यक्तिगत छवि और वार्ड में उसकी पकड़ को भी देखा जाएगा। पार्टी का मानना है कि निकाय चुनाव में मजबूत स्थानीय चेहरा ही जीत का सबसे बड़ा आधार होता है।

युवाओं को ज्यादा मौका देने की तैयारी

बावनकुले ने संकेत दिया कि भाजपा इस बार निकाय चुनाव में युवाओं को ज्यादा से ज्यादा टिकट दे सकती है। उन्होंने कहा कि पार्टी नई पीढ़ी को आगे लाने और संगठन में सक्रिय युवा कार्यकर्ताओं को अवसर देने पर जोर दे रही है। हालांकि अंतिम चयन फिर भी जीत की क्षमता और संगठनात्मक मूल्यांकन के आधार पर ही होगा।

महाराष्ट्र मॉडल का दिया उदाहरण

चंद्रशेखर बावनकुले ने महाराष्ट्र के निकाय चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भाजपा ने 29 में से 27 नगर निगम जीतने में सफलता हासिल की है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में उन्हें 10 नगर निगमों की जिम्मेदारी दी गई है और वे पिछले पांच दिनों से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। बावनकुले ने दावा किया कि लोगों में यह भावना है कि केंद्र और राज्य में एक ही सरकार होने से विकास कार्यों को गति मिलती है।

‘ट्रिपल इंजन सरकार से तेज होगा विकास’

भाजपा सह-प्रभारी ने कहा कि केंद्र और राज्य के बाद यदि नगर निकायों में भी भाजपा का बोर्ड बनता है तो ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ के जरिए विकास और तेजी से हो सकेगा।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा निकाय चुनाव में 51 प्रतिशत वोट हासिल करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी और नगर निगमों के साथ नगर परिषदों में भी जीत दर्ज करने का प्रयास करेगी।

कांग्रेस पर साधा निशाना

बावनकुले ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि निकायों में कांग्रेस का बोर्ड बनता है तो विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ेगा। उन्होंने भाजपा को विकास और स्थिरता से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी जनता के बीच इसी संदेश के साथ चुनाव प्रचार करेगी।

‘राजस्थान में मिलेगी अब तक की सबसे बड़ी सफलता’

चंद्रशेखर बावनकुले ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा निकाय चुनाव में राजस्थान में अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल कर सकती है।

उन्होंने कहा कि कोई भी चुनाव छोटा नहीं होता। निकाय चुनाव भी संगठन के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है जितना विधानसभा या लोकसभा चुनाव।

‘सभी कार्यकर्ताओं के अनुभव से बनता है परिणाम’

बावनकुले ने कहा कि भाजपा में चुनाव सामूहिक रूप से लड़ा जाता है और परिणाम किसी एक व्यक्ति की वजह से नहीं, बल्कि सभी कार्यकर्ताओं के अनुभव और मेहनत से आता है।

उन्होंने कहा कि वे राजस्थान में सहयोग के लिए आए हैं और पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, उसके अनुसार स्थानीय संगठन के साथ मिलकर चुनावी रणनीति पर काम कर रहे हैं।

निकाय चुनाव में टिकट वितरण को लेकर भाजपा का यह रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भारी संख्या में आवेदन आने के कारण कई सीटों पर मजबूत दावेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि पार्टी मेरिट और जीत की संभावना के इस फार्मूले को टिकट वितरण में किस तरह लागू करती है।

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