Sunday, 11 January 2026

जयपुरिया हॉस्पिटल में वीआईपी विजिट के दौरान घायलों के परिजन बाहर निकाले गए, पुलिस पर आरोपियों को बचाने के आरोप


जयपुरिया हॉस्पिटल में वीआईपी विजिट के दौरान घायलों के परिजन बाहर निकाले गए, पुलिस पर आरोपियों को बचाने के आरोप

जयपुर। जयपुरिया हॉस्पिटल के वार्ड में उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब घायलों के परिजनों को बाहर निकाल दिया गया और रात करीब 12 बजे वार्ड में पोंछा लगाया गया। यह घटनाक्रम उस वक्त हुआ, जब घायलों से मिलने उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खर्रा, गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पुत्र अभिषेक शर्मा व कुणाल शर्मा, तथा विधायक गोपाल शर्मा अस्पताल पहुंचे। इस दौरान जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल भी मौजूद रहे।

9 जनवरी की रात करीब 9:30 बजे जयपुर में एक बेकाबू ऑडी कार ने सड़क पर चल रहे करीब 16 लोगों को रौंद दिया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर रात 12 बजे मंत्री और उनके परिजन घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान वार्ड से घायलों के परिवारों को बाहर कर दिया गया, जिससे परिजनों में नाराजगी फैल गई।

घायलों ने की आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खर्रा ने प्रताप नगर निवासी (मूलतः चित्तौड़गढ़) घायल मृदुल से मुलाकात की। मृदुल ने बताया कि उसे फ्रैक्चर हुआ है और छाती में गंभीर चोट आई है। उसने हादसे के जिम्मेदार आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

चश्मदीद का आरोप: पुलिस ने आरोपियों को छुड़ाया

हादसे के चश्मदीद पवन सिंह ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि घटना के समय उन्होंने दो आरोपियों को पकड़ लिया था और सबसे पहले 112 पुलिस वाहन मौके पर पहुंचा। आरोप है कि पुलिस ने भीड़ से आरोपियों को छुड़वाकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया और शव को छोड़कर पहले आरोपियों को ले गई। पवन सिंह का दावा है कि आरोपी नशे में थे।

लाठीचार्ज और गलत बयानबाजी का आरोप

पवन सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि कार में कुल चार लोग सवार थे, जिनमें से तीन को मौके पर ही पकड़ लिया गया था। उन्होंने पुलिस पर लाठीचार्ज करने और घटना को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि आरोपी प्रभावशाली और बड़ी फर्म से जुड़े लोग हैं, जो महंगी ऑडी कार में घूम रहे थे।

इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि वीआईपी विजिट के दौरान अस्पताल प्रबंधन के व्यवहार को लेकर भी गंभीर बहस छेड़ दी 

14 फरवरी को बड़े भाई की शादी, मैं हॉस्पिटल में पड़ा हूं” — ऑडी कार हादसे के घायलों का दर्द

जयपुर। तेज रफ्तार ऑडी कार हादसे में घायल हुए मृदुल पंवार का दर्द भरा बयान सामने आया है। चित्तौड़गढ़ निवासी मृदुल फिलहाल जयपुरिया हॉस्पिटल में भर्ती हैं। उनके पैर में फ्रैक्चर है, पसलियां टूट चुकी हैं और जल्द ही सर्जरी की तैयारी की जा रही है। मृदुल बताते हैं कि 14 फरवरी को उनके बड़े भाई की शादी है, लेकिन हादसे ने पूरे परिवार की खुशियों पर ग्रहण लगा दिया है।

मृदुल ने बताया कि वे जयपुर के खरबास सर्किल पर सूप का ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। हादसे के वक्त वे बर्तन साफ कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार कार की आवाज आई और पल भर में कार ने उन्हें और आसपास खड़े अन्य लोगों को चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वे उछलकर पीछे गिर गए और बेहोश हो गए।

एसआई भर्ती की तैयारी पर फिरा पानी

इस हादसे में 26 वर्षीय दीपक खारोल और उनके ममेरे भाई 20 वर्षीय राकेश भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों शुक्रवार रात खरबास सर्किल के पास दाल-बाटी, चूरमा खाने गए थे। दीपक टोंक जिले के मालपुरा क्षेत्र के पचेवर गांव के निवासी हैं और बीएसटीसी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। 5 अप्रैल को एसआई भर्ती परीक्षा है, जिसके लिए वे दिन-रात मेहनत कर रहे थे, लेकिन हादसे ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।

दीपक के भाई शिवराज ने बताया कि राकेश परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य है। उसके पिता मानसिक रोगी हैं और परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसी पर है। हादसे में राकेश के सिर में गंभीर चोट आई है और पैर भी फ्रैक्चर हो गया है। होश में आने पर उसकी आंखों में आंसू थे। इस दुर्घटना के बाद दोनों परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

    Previous
    Next

    Related Posts