Monday, 30 March 2026

भाजपा किसी एक व्यक्ति या परिवार की नहीं, नए लोगों को भी मिले सम्मान: बीएल संतोष


भाजपा किसी एक व्यक्ति या परिवार की नहीं, नए लोगों को भी मिले सम्मान: बीएल संतोष

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जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने स्पष्ट कहा कि भाजपा किसी एक व्यक्ति या परिवार की पार्टी नहीं है। संगठन में नए लोगों को भी पूरा सम्मान और अवसर मिलना चाहिए, क्योंकि नए कार्यकर्ताओं के जुड़ने से पार्टी में नयापन और ऊर्जा आती है। उन्होंने कहा कि पुराने कार्यकर्ताओं को नए लोगों को स्वीकार करना चाहिए और अनुभव के साथ नए जोश का संतुलन बनाकर आगे बढ़ना ही संगठन की मजबूती का आधार है।

बीएल संतोष शनिवार को जयपुर स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित भाजपा की प्रदेश संगठनात्मक कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संगठन में आपसी समन्वय बेहद जरूरी है और मिल-जुलकर यह तय करना होगा कि किस प्रकार पार्टी के लक्ष्यों को जमीन पर उतारा जाए।

पदाधिकारियों को अधिक प्रवास करने का निर्देश

बीएल संतोष ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को संगठन विस्तार का मंत्र देते हुए कहा कि वे अधिक से अधिक प्रवास (दौरे) करें। प्रवास के दौरान नए लोगों से मिलें और उन्हें संगठन से जोड़ने का प्रयास करें। इससे न केवल पार्टी का विस्तार होता है, बल्कि संगठन जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनता है। उन्होंने कहा कि पार्टी के मोर्चे और प्रकोष्ठ संगठन की पहली सीढ़ी हैं और उन्हें पूरा सम्मान दिया जाना चाहिए। यदि कोई विषय या असहमति हो तो उसे पार्टी के आंतरिक मंच पर रखकर समाधान निकाला जाना चाहिए।

भाजपा की राजनीति सेवा भाव पर आधारित

प्रदेश संगठनात्मक कार्यशाला को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को मूल्यों, आदर्शों और जनसेवा के भाव से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति सेवा आधारित है और कार्यकर्ता राजनीति में सेवक के रूप में आते हैं, जिनका लक्ष्य जनसेवा के लिए जीवन समर्पित करना होता है।

मदन राठौड़ ने संगठनात्मक सत्रों में कुटुंब प्रबंधन पर दिए गए जोर का उल्लेख करते हुए कहा कि आदर्श परिवार ही आदर्श समाज की नींव होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन के भीतर संयम, संतुलन और आपसी समन्वय बनाए रखने का आह्वान किया तथा छोटी-छोटी बातों पर विवाद से बचते हुए सकारात्मक सोच के साथ काम करने पर बल दिया।

पांच सत्रों में हुआ गहन मंथन

इस संगठनात्मक कार्यशाला में उद्घाटन और समापन सत्र सहित कुल पांच सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विभिन्न वक्ताओं ने संगठन, विचारधारा, अनुशासन और जनसेवा से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। कार्यशाला को पार्टी के आगामी संगठनात्मक विस्तार और मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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