



जयपुर में 8 जनवरी से 15 जनवरी तक आयोजित होने वाले सेना दिवस परेड–2026 समारोह को दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए जन भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इस संबंध में शनिवार को सचिवालय में भास्कर ए. सावंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें आयोजन की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत ने कहा कि सेना दिवस परेड का यह आयोजन पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार भारतीय सेना के शौर्य, अनुशासन और गौरव को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस आयोजन को व्यापक जन सहभागिता के साथ आयोजित कर रही है।
सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव नवीन जैन ने बैठक में सेना दिवस परेड को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि देश के इतिहास में यह पहली बार है जब सेना दिवस परेड छावनी क्षेत्र के बाहर, सीधे आमजन के बीच आयोजित की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा इस आयोजन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि नागरिक भारतीय सेना के शौर्य और अनुशासन को निकट से अनुभव कर सकें।
जिला कलक्टर जितेन्द्र कुमार सोनी ने दर्शकों की बैठक व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास मार्गों की जानकारी दी। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों और संगठनों से आग्रह किया कि वे परेड देखने आने वाले प्रतिभागियों की संख्या और विवरण समय पर उपलब्ध कराएं, जिससे व्यवस्थाएं और अधिक सुव्यवस्थित की जा सकें।
परेड के दौरान आमजन एवं आमंत्रित दर्शकों के लिए बैठक व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं, एम्बुलेंस सेवा, पार्किंग, मोबाइल टॉयलेट्स, पेयजल और यातायात प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस, यातायात पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा समन्वित कार्य योजना के तहत व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। अतिरिक्त आयुक्त पुलिस (यातायात) योगेश दाधीच ने पार्किंग, रूट डायवर्जन और यातायात सुचारू रखने की तैयारियों की जानकारी दी।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार 9 जनवरी को आयोजित होने वाली सेना दिवस परेड की रिहर्सल ‘मातृशक्ति’ को समर्पित की गई है। इसके तहत अधिक से अधिक महिलाओं और बालिकाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने और उन्हें परेड देखने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही दर्शकों को सेना से जुड़े अनुशासन, सुरक्षा मानकों और आचरण संबंधी दिशा-निर्देशों की पूर्व जानकारी देने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जयपुर, अलवर, अजमेर, टोंक, सीकर, कोटपूतली, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर और कुचामन–डीडवाना जिलों के अतिरिक्त जिला कलक्टर, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, आईसीडीएस, चिकित्सा, शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग, यातायात पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों तथा विभिन्न निजी संस्थाओं और संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।