



कोटा। जिले में शनिवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया, जब नेशनल हाईवे-52 पर बीकानेर से भोपाल जा रही एक स्लीपर कोच बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। यह दुर्घटना सुबह करीब 6 बजे कोटा को क्रॉस करने के बाद हुई। हादसे में 12 से अधिक यात्रियों को चोटें आई हैं, जिनमें से 4 से 5 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गनीमत यह रही कि कोई भी यात्री गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ।
बस में सवार यात्रियों ने हादसे के लिए चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार को जिम्मेदार ठहराया है। यात्रियों का कहना है कि सुबह के समय कोहरा होने के बावजूद बस काफी तेज गति से चलाई जा रही थी, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस पलट गई।
बस हाईवे के किनारे पलटी हुई थी। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया और तुरंत एम्बुलेंस की सहायता से निजी अस्पताल पहुंचाया गया। घायल यात्रियों में तीन–चार महिलाएं भी शामिल हैं।
रानपुर थाने के ड्यूटी ऑफिसर राम सिंह ने बताया कि बस में करीब 35 से अधिक यात्री सवार थे। हादसे में बस का परिचालक घायल हुआ है, जबकि चालक को कोई गंभीर चोट नहीं आई। दुर्घटना के बाद सभी यात्री हाईवे के किनारे सुरक्षित बैठ गए थे।
सुबह करीब 9:15 बजे क्रेन की मदद से बस को सीधा कर हाईवे से हटाया गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। हालांकि, हादसे के समय हाईवे पूरी तरह बंद नहीं हुआ था। पुलिस का कहना है कि बस ज्यादा दूर जाकर नहीं पलटी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
एएसआई राम सिंह के अनुसार, बस चालक संजय कुमार का कहना है कि अचानक सड़क पर गाय आ जाने के कारण ब्रेक लगाने से बस अनियंत्रित हो गई और पलट गई। वहीं यात्रियों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि अगर गाय सामने आती तो वह भी घायल होती या मौके पर नजर आती, जबकि घटनास्थल पर किसी गाय के होने के संकेत नहीं मिले। यात्रियों ने चालक पर झूठा बयान देने और तेज रफ्तार में बस चलाने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बस के इमरजेंसी गेट और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।