Wednesday, 07 January 2026

झालावाड़ पुलिस ने कांग्रेस के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी प्रमोद शर्मा को जमीन के फर्जीवाड़े में किया गिरफ्तार, दो सहयोगी भी गिरफ्तार


झालावाड़ पुलिस ने कांग्रेस के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी प्रमोद शर्मा को जमीन के फर्जीवाड़े में किया गिरफ्तार, दो सहयोगी भी गिरफ्तार

झालावाड़ पुलिस ने जमीन के फर्जीवाड़े के एक गंभीर मामले में कांग्रेस के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी प्रमोद शर्मा को गिरफ्तार किया है। उनके साथ दो अन्य सहयोगियों—महेन्द्र सिंह नरूका और ललित वैष्णव—को भी हिरासत में लिया गया है। आपको बता दें कि प्रमोद शर्मा ने वर्ष 2019 में कांग्रेस के टिकट पर झालावाड़–बारां लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि इन तीनों ने मिलकर जमीन पर कब्जा जमाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और पूरी संपत्ति को अपने नाम दिखाने की कोशिश की।

पूरा मामला मार्च 2024 में तब शुरू हुआ जब महेश कुमार डागा ने 27 मार्च 2024 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि सिटी फोरलेन स्थित गायत्री मंदिर के पास स्थित एक भूमि का रजिस्ट्रेशन उन्होंने अपने पुत्र सुमित डागा के नाम करवाया था। 14 नवंबर 2022 को जब वह निर्माण कार्य के लिए नींव खुदाई करवा रहे थे, तभी प्रमोद शर्मा मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवा दिया। इस पर पुलिस जांच शुरू हुई।

जांच के दौरान सामने आया कि प्रमोद शर्मा ने जमीन पर कब्जा जमाने के लिए एक कूटरचित (फर्जी) इकरारनामा तैयार किया था। एफएसएल रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि यह इकरारनामा स्कैन किया गया दस्तावेज था और वास्तविक नहीं था। आरोपियों ने इसी फर्जी दस्तावेज का उपयोग कर अपने आप को जमीन का मालिक बताने और पूरी संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास किया।

भूमि के दस्तावेजों की जांच में यह भी सामने आया कि जमीन की असली मालिक नीना सिंघल थीं, जिन्होंने वर्ष 2001 में यह भूमि खरीदी थी। बाद में 2004 में इसका 540 वर्ग फीट का हिस्सा राजकुमार खण्डेलवाल को बेचा गया था और शेष भूमि वर्ष 2006 में कपिल शर्मा को बेची गई थी। पुलिस के अनुसार प्रमोद शर्मा और उनके सहयोगियों ने इन मूल दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कागजात तैयार किए और अवैध रूप से कब्जा करने की साजिश रची।

प्रमोद शर्मा BJP छोड़कर 2019 में कांग्रेस में आए थे और उसी साल झालावाड़ लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था। वे पूर्व में झालावाड़ कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष भी रह चुके हैं। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फर्जीवाड़े में और कौन शामिल था तथा इस साजिश का मुख्य सूत्रधार कौन है।

    Previous
    Next

    Related Posts